हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को हमीरपुर जिले की नादौन विधानसभा क्षेत्र की हड़ेटा पंचायत के निवासी संदीप लखनपाल को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर पदोन्नति मिलने पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री, जो स्वयं हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नादौन सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने यह संदेश राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जारी किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने लखनपाल परिवार की पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सैन्य परंपरा का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राष्ट्रसेवा का संकल्प पीढ़ी-दर-पीढ़ी संस्कार बन जाता है, तो ऐसी उपलब्धियाँ समाज के लिए प्रेरणा बन जाती हैं।
सुक्खू ने यह भी बताया कि संदीप के पिता ने भी भारतीय सेना में सेवा दी थी और अब वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस पदोन्नति को केवल नादौन ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
पारिवारिक और स्थानीय पृष्ठभूमि
संदीप लखनपाल नादौन के गलोरे तहसील के अंतर्गत आने वाले हरेटा गांव के रहने वाले हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 5 अगस्त 2013 को भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिला था। इसके बाद अपनी सेवा, अनुशासन और पेशेवर प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने क्रमशः पदोन्नति पाते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल का पद हासिल किया।
परिवार का सैन्य जुड़ाव भी गहरा है। संदीप के पिता सेना में सेवा दे चुके हैं और उनके छोटे भाई ने भी बल में सेवा की है। इस तरह लखनपाल परिवार एक बहु-पीढ़ी रक्षा परिवार के रूप में पहचाना जाता है। पदोन्नति की खबर गांव में गर्व के साथ सुनी गई और परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।
पद का महत्व और क्षेत्रीय संदर्भ
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर पदोन्नति एक महत्वपूर्ण मध्य-सेवा उपलब्धि मानी जाती है। यह आम तौर पर कमीशन सेवा के एक दशक से अधिक समय के बाद मिलती है और इसमें परिचालन अनुभव, स्टाफ नियुक्तियों तथा चयन बोर्डों के सकारात्मक आकलन का मेल होता है।
यह उपलब्धि हमीरपुर जिले और समूचे हिमाचल प्रदेश में विशेष महत्व रखती है। राज्य लंबे समय से सशस्त्र बलों में प्रति व्यक्ति योगदान के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। हिमाचल में हमीरपुर विशेष रूप से सेवारत सैनिकों, अधिकारियों और पूर्व सैनिक परिवारों की अधिकता के लिए जाना जाता है, जो औपनिवेशिक काल की भर्ती परंपराओं से शुरू होकर पीढ़ियों तक जारी रही है।
सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के लिए ऐसी स्थानीय उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से मान्यता देना हिमाचल की सैन्य विरासत और रक्षा परिवारों के योगदान पर लगातार दिए जाने वाले जोर का हिस्सा है। नादौन मुख्यमंत्री का अपना निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण यह संदेश क्षेत्र से सीधे व्यक्तिगत और राजनीतिक जुड़ाव भी दर्शाता है।
आधिकारिक सूचना
हिमाचल प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने यह आधिकारिक बयान 6 अगस्त 2026 को जारी किया। इसे राज्य सरकार से जुड़े सोशल मीडिया खातों पर भी व्यापक रूप से साझा किया गया। राष्ट्र प्रेस और पंजाब केसरी के हिमाचल संस्करण सहित स्थानीय हिंदी माध्यमों ने भी उसी दिन इस विकास की रिपोर्ट दी और गांव के विवरण तथा परिवार की बहु-पीढ़ी सैन्य पृष्ठभूमि की पुष्टि की।
एक छोटे हिमाचली गांव से आए अधिकारी की लेफ्टिनेंट कर्नल पद तक पहुंचना एक बार फिर यह दर्शाता है कि राज्य के युवाओं की भारतीय सेना में भूमिका लगातार बनी हुई है और हमीरपुर सहित पहाड़ी इलाकों में रक्षा सेवा आज भी गहरी गर्व की भावना से देखी जाती है।