राष्ट्रीय कैडेट कोर के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वात्स, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम ने उत्तराखंड निदेशालय का दौरा कर निदेशालय के संस्थागत प्रदर्शन, प्रशिक्षण ढांचे और राज्य में संगठन की मौजूदगी को मजबूत करने से जुड़ी चल रही पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वात्स को निदेशालय की प्रशिक्षण गतिविधियों, संगठनात्मक प्रदर्शन और उत्तराखंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार के लिए तैयार दीर्घकालिक योजना की जानकारी दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण मानकों को बेहतर बनाने, संस्थागत क्षमता बढ़ाने और कैडेट विकास कार्यक्रमों को सशक्त करने के लिए किए जा रहे उपायों की प्रगति बताई।
समीक्षा का एक प्रमुख बिंदु बुनियादी ढांचे का विकास और क्षमता बढ़ाने से जुड़ी वे पहल रहीं, जो राष्ट्रीय कैडेट कोर की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार की जा रही हैं। चर्चा में उत्तराखंड में एक राष्ट्रीय कैडेट कोर अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी बात हुई, जिससे प्रशिक्षण क्षमताएं और मजबूत होने तथा क्षेत्र में कैडेटों और राष्ट्रीय कैडेट कोर कर्मियों के लिए उन्नत सीखने के अवसर मिलने की उम्मीद है।
महानिदेशक ने संस्थागत प्रभावशीलता सुधारने और युवाओं तक संगठन की पहुंच बढ़ाने से जुड़ी विभिन्न पहलों का आकलन किया। उन्होंने प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के निरंतर उन्नयन और भावी नेतृत्व जिम्मेदारियों के लिए कैडेटों को तैयार करने के वास्ते दूरदर्शी कदम अपनाने के महत्व पर जोर दिया।
अधिकारियों और नागरिक कर्मियों से बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वात्स ने अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त युवा नागरिकों के निर्माण के प्रति उनकी पेशेवरता, प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षण और संगठनात्मक उत्कृष्टता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए निदेशालय के प्रयासों की प्रशंसा भी की।
डीजी एनसीसी ने संस्थागत विकास, प्रशिक्षण में उत्कृष्टता और युवा विकास के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत के युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन, चरित्र और निःस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करने तथा राष्ट्रीय विकास में योगदान देने में राष्ट्रीय कैडेट कोर की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
इस दौरे ने राष्ट्रीय कैडेट कोर के संस्थागत सामर्थ्य को मजबूत करने, देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा के लिए आवश्यक मूल्यों एवं कौशलों से लैस करने पर उसके निरंतर फोकस को उजागर किया।