मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई), महू की एक टीम, जिसमें लेफ्टिनेंट अभिषेक मेहरोत्रा और लेफ्टिनेंट यशवंत सिंह शामिल थे, ने फ्यूचर क्राइम समिट 2026 के दौरान आयोजित हैकथॉन में शीर्ष पांच टीमों में स्थान हासिल किया।
इस आयोजन का संचालन फ्यूचर क्राइम्स रिसर्च फाउंडेशन (एफसीआरएफ) ने किया, जो आईआईटी-कानपुर से संबद्ध एक गैर-लाभकारी संगठन है। इसमें 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विभिन्न सरकारी संगठनों, प्रौद्योगिकी क्षेत्रों और सुरक्षा क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।
समिट का मुख्य उद्देश्य नवाचार, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के जरिए भविष्य के अपराधों से जुड़ी उभरती चुनौतियों का समाधान खोजना था। प्रतियोगिता के दौरान लेफ्टिनेंट अभिषेक मेहरोत्रा और लेफ्टिनेंट यशवंत सिंह ने अपनी तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
उन्होंने विभिन्न पेशेवर पृष्ठभूमियों से आए प्रतिभागियों के साथ प्रतिस्पर्धा की। उनकी उपलब्धि ने एमसीटीई में दी जाने वाली मजबूत प्रौद्योगिकीय नींव और नवाचार-उन्मुख प्रशिक्षण को भी रेखांकित किया।
हैकथॉन ने प्रतिभागियों को जटिल सुरक्षा चुनौतियों के समाधान विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान किया। चर्चाएं और गतिविधियां उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, डिजिटल खतरों और भविष्य की सुरक्षा संरचनाओं पर केंद्रित रहीं।
एमसीटीई अधिकारियों की भागीदारी ने विकसित हो रही परिचालन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार के उपयोग पर भारतीय सेना के बढ़ते ध्यान को भी दर्शाया।
एमसीटीई टीम के प्रदर्शन को फ्यूचर क्राइम्स रिसर्च फाउंडेशन के मुख्य मार्गदर्शक प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि, तकनीकी क्षमता और नवोन्मेषी समाधान विकसित करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए दिया गया।
लेफ्टिनेंट अभिषेक मेहरोत्रा और लेफ्टिनेंट यशवंत सिंह की यह सफलता सैन्य शिक्षा में प्रौद्योगिकी-आधारित सीख और नवाचार के महत्व को भी रेखांकित करती है। यह एमसीटीई के उन निरंतर प्रयासों को भी दर्शाती है, जिनके तहत भविष्य के सैन्य नेतृत्व को ऐसे कौशलों से तैयार किया जा रहा है, जो उन्हें तेजी से जटिल होते डिजिटल और सूचना परिवेश में प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाएं।
फ्यूचर क्राइम समिट 2026 में मिली यह सफलता संचार प्रौद्योगिकी, साइबर क्षमताओं और उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित एक प्रमुख संस्थान के रूप में एमसीटीई की प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है। यह भारतीय सेना को भविष्य के लिए तैयार और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी योगदान देती है।