रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस 2026 समारोह में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेटों और माय भारत स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। यह सम्मान देश के एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसर में उनके योगदान को मान्यता देने के लिए दिया गया।
इस अवसर पर श्री संजय सेठ ने राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनसीसी कैडेटों और माय भारत स्वयंसेवकों को विकसित भारत के ब्रांड एंबेसडर बताया और उन्हें रक्षा की दूसरी पंक्ति भी कहा।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन और नागरिक दायित्व को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी यह टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि देश के भविष्य को आकार देने में युवा पीढ़ी की भूमिका निर्णायक है।
लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच यह सम्मान विशेष महत्व रखता है। एनसीसी कैडेटों और माय भारत स्वयंसेवकों की मौजूदगी से युवाओं को राष्ट्रीय समारोहों से सीधे जुड़ने और स्वतंत्रता दिवस की परंपराओं के केंद्र में होने वाले औपचारिक कार्यक्रमों को देखने का अवसर मिलता है।
रक्षा राज्य मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत के युवा 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं में दिखाई देने वाली ऊर्जा, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी की भावना विकसित भारत के लक्ष्य को वास्तविकता में बदलने के लिए आवश्यक होगी।
यह कार्यक्रम एनसीसी की उस व्यापक भूमिका को भी सामने लाता है, जिसके जरिए युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और सेवा-भाव विकसित किया जाता है। संरचित प्रशिक्षण और राष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी के माध्यम से कैडेटों को जिम्मेदार नागरिकता और राष्ट्रीय सेवा से जुड़े मूल्यों से जोड़ा जाता है।
माय भारत स्वयंसेवकों की भागीदारी सरकार के उस प्रयास को भी दर्शाती है, जिसके तहत युवाओं को राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस समारोहों में एनसीसी कैडेटों और युवा स्वयंसेवकों को साथ लाना देश के युवाओं को राष्ट्रीय संस्थाओं, परंपराओं और विकास आकांक्षाओं से जोड़ने के महत्व को उजागर करता है।
यह सम्मान युवा प्रतिभागियों के उत्साह और प्रतिबद्धता की सराहना के रूप में देखा गया। साथ ही, इससे यह संदेश भी मजबूत हुआ कि एक सशक्त और अधिक विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी केवल संस्थानों की नहीं, बल्कि देश की युवा पीढ़ी की भी है।
जब देश स्वतंत्रता दिवस 2026 मनाने की तैयारी कर रहा है, तब लाल किले पर एनसीसी कैडेटों और माय भारत स्वयंसेवकों को दिया गया यह सम्मान विशेष अर्थ रखता है। इससे समारोहों और विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण में युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा गया है।