सर्जन वाइस एडमिरल आर्टि सरिन, महानिदेशक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ (डीजीएएफएमएस), ने 10 अगस्त 2026 को कमांड अस्पताल (दक्षिणी कमान) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा क्षमताओं और सशस्त्र बलों के कर्मियों तथा उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के जारी प्रयासों की समीक्षा की।
डीजीएएफएमएस के साथ मेजर जनरल एस राधाकृष्णन, मेजर जनरल (चिकित्सा), मुख्यालय दक्षिणी कमान भी मौजूद थे। दौरे के दौरान वरिष्ठ चिकित्सा नेतृत्व को मेजर जनरल सनिल मोहन, कमांडेंट, कमांड अस्पताल (दक्षिणी कमान) ने अस्पताल के कामकाज, चिकित्सा अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमताओं के बारे में जानकारी दी।
दौरे के दौरान सर्जन वाइस एडमिरल आर्टि सरिन ने रोगी देखभाल के लिए अस्पताल द्वारा उपयोग की जा रही उन्नत चिकित्सा क्षमताओं की समीक्षा की। इस आकलन में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशिष्ट क्षमताओं के माध्यम से व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के प्रयासों को शामिल किया गया।
डीजीएएफएमएस ने रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा पर अस्पताल के निरंतर ध्यान और नैदानिक सेवाओं के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्नत चिकित्सा क्षमताओं पर यह जोर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के सैन्य चिकित्सा को सुदृढ़ करने और कर्मियों तथा उनके परिवारों को प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
सर्जन वाइस एडमिरल आर्टि सरिन ने कर्मियों से भी बातचीत की और अस्पताल के स्वास्थ्य सेवा मानकों को बनाए रखने में उनके योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने सभी रैंकों और कर्मचारियों की समर्पण भावना, पेशेवर रवैये और रोगी देखभाल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
इस दौरे ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की कार्यात्मक मजबूती बनाए रखने में उन्नत चिकित्सा अवसंरचना, कुशल स्वास्थ्यकर्मियों और प्रभावी प्रणालियों के महत्व को रेखांकित किया। डीजीएएफएमएस की यह समीक्षा नैदानिक उत्कृष्टता, तकनीकी प्रगति और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर निरंतर ध्यान की पुष्टि भी करती है।