रक्षा मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय सेना के उन कर्मियों की सूची जारी की है, जिन्हें मानद रैंक प्रदान किए गए हैं। यह सम्मान जूनियर कमीशंड अधिकारियों और सेना के अन्य कर्मियों की लंबे समय से दी गई विशिष्ट और समर्पित सेवा के लिए दिया गया है।
प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा 14 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, सक्रिय सूची में मौजूद तथा सेवानिवृत्ति के बाद के कर्मियों को मानद कैप्टन और मानद लेफ्टिनेंट के पद दिए गए हैं। इसके अलावा, हजारों सेवानिवृत्त कर्मियों को मानद सूबेदार मेजर, मानद सूबेदार और मानद नायब सूबेदार के पद से सम्मानित किया गया है।
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए सक्रिय और सेवानिवृत्त श्रेणियों में कुल 14,989 मानद रैंक घोषित किए गए हैं। इनमें सक्रिय सूची के 2,241 कर्मी और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मान पाने वाले 12,748 कर्मी शामिल हैं।
सक्रिय सूची में 2,241 कर्मियों को मानद कमीशन
सक्रिय सूची में मौजूद कर्मियों में 438 को मानद कैप्टन और 1,803 को मानद लेफ्टिनेंट का पद दिया गया है। इस तरह सक्रिय सूची के मानद कमीशनों की कुल संख्या 2,241 हो गई है।
सेवानिवृत्ति के बाद मानद रैंक पाने वाले कर्मियों में 1,365 को मानद कैप्टन और 485 को मानद लेफ्टिनेंट दिया गया है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर मानद कैप्टन और मानद लेफ्टिनेंट के कुल 2,241 और 2,288 सम्मान सामने आते हैं।
सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए बड़ा हिस्सा जूनियर कमीशंड अधिकारी स्तर के मानद रैंकों का है। सरकार ने 4,225 कर्मियों को मानद सूबेदार मेजर, 776 कर्मियों को मानद सूबेदार और 5,897 कर्मियों को मानद नायब सूबेदार का पद देने की मंजूरी दी है।
कुल मिलाकर, सेवानिवृत्ति के बाद की श्रेणी में 12,748 मानद रैंक घोषित किए गए हैं, जबकि 2,241 सम्मान सक्रिय सूची के कर्मियों को दिए गए हैं।
मानद कैप्टन और मानद लेफ्टिनेंट
मानद कैप्टन को भारतीय सेना के अनुभवी जूनियर कमीशंड अधिकारियों के लिए दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित मानद कमीशनों में गिना जाता है। स्वतंत्रता दिवस 2026 पर सक्रिय सूची के 438 सेवा-रत कर्मियों को यह पद दिया गया है।
इनके वर्षों के पेशेवर सेवा-कार्य, नेतृत्व, सैन्य अनुभव और अपनी-अपनी इकाइयों व संरचनाओं में योगदान को मान्यता दी गई है। इसके अलावा 1,365 कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद मानद कैप्टन का पद मिला है।
मानद लेफ्टिनेंट के मामले में सक्रिय सूची के 1,803 कर्मियों को यह रैंक दी गई है। सेवानिवृत्ति के बाद 485 कर्मियों को भी यही मानद पद प्रदान किया गया है। इस तरह कुल 2,288 कर्मियों को मानद लेफ्टिनेंट का सम्मान मिला है।
सेवानिवृत्त कर्मियों को सूबेदार मेजर, सूबेदार और नायब सूबेदार का सम्मान
सरकार ने सेवानिवृत्ति के बाद बड़ी संख्या में कर्मियों को भी मानद रैंक दिए हैं। इनमें 4,225 सेवानिवृत्त कर्मियों को मानद सूबेदार मेजर, 776 को मानद सूबेदार और 5,897 को मानद नायब सूबेदार का पद दिया गया है।
सूबेदार मेजर भारतीय सेना की किसी इकाई में पारंपरिक जूनियर कमीशंड अधिकारी का वरिष्ठतम पद माना जाता है। यह पद अनुभव, जिम्मेदारी और रेजीमेंट व्यवस्था में विशिष्ट स्थान का प्रतीक है।
इन मानद सम्मानों को उन कर्मियों की लंबी सैन्य सेवा और अपनी इकाइयों तथा सेना में दिए गए योगदान की औपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
मानद रैंक की परंपरा
भारतीय सेना में मानद रैंक एक पुरानी सैन्य परंपरा है, जिसके माध्यम से विशिष्ट और सराहनीय सेवा करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया जाता है। जूनियर कमीशंड अधिकारियों के लिए मानद लेफ्टिनेंट और मानद कैप्टन एक महत्वपूर्ण पेशेवर सम्मान माने जाते हैं।
ये रैंक नियमित पदोन्नति से अलग होते हैं। इन्हें सम्मान स्वरूप प्रदान किया जाता है और सैन्य समुदाय में इनका विशेष महत्व होता है।
रक्षा मंत्रालय ने 14 अगस्त को जारी अपनी आधिकारिक घोषणा में स्वतंत्रता दिवस 2026 के इन मानद रैंकों को शामिल किया है। यह सम्मान भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले घोषित किया गया।
कुल मिलाकर 14,989 सक्रिय और सेवानिवृत्त सेना कर्मियों को इस सूची में मानद रैंक के जरिए मान्यता दी गई है। यह घोषणा सेना की उस परंपरा को रेखांकित करती है, जिसमें केवल असाधारण वीरता ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक दी गई पेशेवर सेवा, नेतृत्व और समर्पण को भी सम्मान मिलता है।