भारतीय तटरक्षक बल ने 24 अगस्त, 2026 को चेन्नई में वियतनाम तटरक्षक बल के उप कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हुनग और छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उनके साथ वियतनाम तटरक्षक बल का पोत सीएसबी 8002 भी चेन्नई पहुंचा। यह दौरा भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
यह यात्रा दोनों तटरक्षक बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को विचारों का आदान-प्रदान करने और दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे समुद्री साझेदारी संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर बनी। बातचीत का मुख्य केंद्र पेशेवर संबंधों को मजबूत करना और आपसी समुद्री हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना रहा।
चेन्नई में वियतनामी प्रतिनिधिमंडल ने तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) के कमांडर इन्स्पेक्टर जनरल योगिंदर धाका, टीएम, से मुलाकात की। इस दौरान समुद्री सुरक्षा पर विचार-विमर्श हुआ और दोनों समुद्री सुरक्षा बलों के बीच गहरे सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
दौरे के हिस्से के रूप में वियतनाम तटरक्षक बल के प्रतिनिधिमंडल ने कत्तुपल्ली स्थित एल एंड टी शिपबिल्डिंग का भी दौरा किया। इस दौरान उन्हें भारत की बढ़ती स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता, जारी निर्माण कार्यों और देश के समुद्री क्षेत्र को समर्थन देने वाली प्रौद्योगिकीय व्यवस्था की जानकारी दी गई।
भारत के जहाज निर्माण उद्योग के साथ हुई यह बातचीत स्वदेशी रक्षा और समुद्री विनिर्माण की दिशा में भारत के व्यापक प्रयासों में हुई प्रगति को भी रेखांकित करती है। भारतीय शिपयार्ड की बढ़ती क्षमता समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और भागीदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है।
मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हुनग और वियतनाम तटरक्षक बल के प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत-वियतनाम समुद्री साझेदारी के विस्तार को दर्शाती है। यह इस बात का भी संकेत है कि दोनों देश सुरक्षित, स्थिर और नियम-आधारित समुद्री वातावरण बनाए रखने को कितना महत्व देते हैं।
भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम तटरक्षक बल के बीच यह संवाद पेशेवर आदान-प्रदान को गहरा करने, समुद्री सहयोग को मजबूत करने और साझा समुद्री हितों के समर्थन में बेहतर समन्वय विकसित करने की उनकी प्रतिबद्धता को और पुष्ट करता है।