आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने “मंथन” नामक एक नई पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा में नवाचार, उत्कृष्टता और समकालीन प्रौद्योगिकियों के उपयोग को मजबूत करना है।
इस पहल का उद्घाटन 29 अगस्त 2026 को एएफएमसी के निदेशक और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल पंकज पी राव ने किया। यह कदम चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को बदलती शैक्षणिक तथा प्रौद्योगिकीय आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक बनाने की दिशा में संस्थान के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
“मंथन” एएफएमसी की चिकित्सा शिक्षा इकाई की दीर्घकालीन विरासत पर आधारित है, जिसकी स्थापना 1993 में की गई थी। वर्षों के दौरान यह इकाई चिकित्सा शिक्षा की बदलती जरूरतों के अनुसार विकसित हुई और बाद में 2019 में इसे एनएमसी क्षेत्रीय केंद्र फॉर मेडिकल एजुकेशन टेक्नोलॉजीज के रूप में मान्यता मिली।
नई पहल का उद्देश्य इन प्रयासों को और सुदृढ़ करना है। इसके तहत नवाचार, समकालीन शैक्षणिक प्रौद्योगिकियों और चिकित्सा शिक्षण तथा प्रशिक्षण में उत्कृष्टता पर अधिक जोर दिया जाएगा।
यह पहल चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने के साथ-साथ संकाय विकास, शैक्षणिक नवाचार और प्रौद्योगिकी-सक्षम अधिगम के लिए संस्थागत तंत्र को भी मजबूत करने की अपेक्षा रखती है।
एएफएमसी की चिकित्सा शिक्षा संरचना का यह विकास संस्थान की उस व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह स्वास्थ्य सेवा, शिक्षण पद्धतियों और उभरती प्रौद्योगिकियों में हो रहे बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। “मंथन” इस आधार को आगे बढ़ाने और इन प्रयासों को नई गति देने के लिए शुरू किया गया है।
यह पहल चिकित्सा शिक्षा में सतत व्यावसायिक विकास के महत्व को भी रेखांकित करती है, विशेषकर ऐसे समय में जब प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा वितरण में हो रही प्रगति चिकित्सा पेशेवरों के प्रशिक्षण के तरीके को लगातार प्रभावित कर रही है।
नवाचार और समकालीन प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित यह पहल एएफएमसी में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता को मजबूत करने तथा भविष्य के लिए तैयार चिकित्सा पेशेवरों के विकास में योगदान देने का मंच मानी जा रही है।
इस लॉन्च के साथ एएफएमसी पुणे ने चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण में उत्कृष्टता तथा सशस्त्र बलों की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में नवोन्मेषी दृष्टिकोणों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।