पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र में शुक्रवार को भारतीय सेना के जवानों ने एक किशोरी को डूबने से बचा लिया। बताया गया कि वह बेहोशी की हालत में मेंढर नाला में बहते हुए पाकिस्तान की ओर जा रही थी।
यह घटना लगभग 1:30 बजे दोपहर की है। आगे तैनात संतरी चौकियों ने बालनोई के पास एक अज्ञात लड़की को धारा में बेहोशी की स्थिति में बहते हुए देखा।
तुरंत और साहसिक कार्रवाई करते हुए बालनोई बटालियन के एक जवान ने बहते पानी में छलांग लगाई और लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह नाला इस क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के बेहद करीब है और पाकिस्तानी क्षेत्र की ओर बहता है, इसलिए समय रहते की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण रही।
बचाई गई लड़की की पहचान उज्मा कौसर के रूप में हुई है। वह गुलसईद की पुत्री और बालनोई की निवासी बताई गई है। सेना के जवानों ने उसे तुरंत मंकोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
स्थानीय पुलिस, चिकित्सा अधिकारियों और गांव के सरपंच को पहले ही सूचित कर दिया गया था, ताकि उसे तुरंत उपचार मिल सके। अधिकारियों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और परिवार के सदस्यों को भी जानकारी दे दी गई है।
कुछ जानकारी के अनुसार, उसे मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद आगे के इलाज के लिए मेंढर उप-जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस भी मौके पर पहुंची। रिपोर्ट के समय तक आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही थी।
यह अभियान नियंत्रण रेखा के पास सतर्कता बनाए रखने और पुंछ के दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों को तुरंत मानवीय सहायता पहुंचाने की भारतीय सेना की दोहरी जिम्मेदारी को दर्शाता है। पीर पंजाल की तलहटी में स्थित मेंढर तहसील में नियंत्रण रेखा से लगे कई गांव हैं, जहां पानी का बहाव अचानक खतरा पैदा कर सकता है।