बेंगलुरु में भारतीय वायु सेना के 144 चिकित्सा सहायकोंने चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र, वायु सेना, बेंगलुरु में अपना व्यापार चरण प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उनके पेशेवर सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
प्रशिक्षण की समाप्ति पर चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र में पासिंग-आउट परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवप्रशिक्षित चिकित्सा सहायकों के अनुशासन, प्रशिक्षण मानकों और पेशेवर तैयारी का प्रदर्शन हुआ।
परेड की समीक्षा एयर वाइस मार्शल एस.जी.एस. दत्ता, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, मुख्यालय प्रशिक्षण कमान ने की। बेंगलुरु में तैनात भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना की इकाइयों के गणमान्य भी समारोह के साक्षी बने।
परेड के दौरान पाठ्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया।
लीडिंग एयरक्राफ्ट्समैन अगिलन वी को ‘बेस्ट इन ट्रेड’ पुरस्कार दिया गया, जबकि लीडिंग एयरक्राफ्ट्समैन रक्षिथ कुमार आर को ‘बेस्ट इन कोर्स’ चुना गया। एयरक्राफ्ट्समैन गोकुल के को ‘बेस्ट इन इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (बेसिक)’ पुरस्कार मिला और एयरक्राफ्ट्समैन जगन्नाथ एम को ‘बेस्ट इन ग्राउंड सर्विस ट्रेनिंग’ के रूप में सम्मानित किया गया।
पाठ्यक्रम के सफल समापन ने चिकित्सा सहायकों को भारतीय वायु सेना की स्वास्थ्य-सेवा प्रणाली में अपने दायित्व निभाने के लिए तैयार किया है। यह प्रशिक्षण उन्हें वायु सेना प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य-सेवा और चिकित्सकीय कार्यों में सहयोग देने के लिए आवश्यक व्यावसायिक तथा चिकित्सकीय कौशल प्रदान करता है।
इस अवसर पर प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहने और अपने करियर में आगे बढ़ते हुए पेशेवरता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
पासिंग-आउट परेड की एक उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र से उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षुओं में समान जुड़वां भाई भी शामिल थे, जिससे समारोह एक विशिष्ट क्षण बन गया।
बेंगलुरु का चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र विशेष व्यापार प्रशिक्षण के माध्यम से भारतीय वायु सेना के कर्मियों को चिकित्सा सहायता संबंधी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है। 144 चिकित्सा सहायकों का उत्तीर्ण होना उन्हें प्रशिक्षण वातावरण से सेवा के पेशेवर दायित्वों की ओर ले जाने का संकेत है।