चेन्नई, 4 सितंबर 2026: ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई ने पासिंग आउट कोर्स के कैडेटों के अभिभावकों को शुक्रवार को प्रतिष्ठित “गौरव पदक” से सम्मानित किया। यह सम्मान उन अभिभावकों की भूमिका को मान्यता देने के लिए दिया गया, जिन्होंने अपने बच्चों के भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करने के निर्णय का समर्थन किया।
ओटीए चेन्नई के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल माइकल एजे फर्नांडीज, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने कार्यक्रम को संबोधित किया और पास आउट हो रहे कैडेटों के गर्वित माता-पिता को गौरव पदक प्रदान किया।
समारोह में उन परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया, जो सशस्त्र बलों में करियर चुनने वाले युवकों और युवतियों की यात्रा के हर चरण में साथ देते हैं। यह सम्मान उन माता-पिता के प्रति सेना की कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनके प्रोत्साहन, संस्कार और त्याग ने उनके बच्चों को सैन्य अधिकारी बनने की कठिन राह पर आगे बढ़ने में मदद की।
गौरव पदक परंपरागत रूप से उन माता-पिता को सम्मानित करने से जुड़ा है, जिनके पुत्र और पुत्रियाँ भारतीय सेना के माध्यम से देश की सेवा के लिए समर्पित होते हैं। यह पदक इस बात की याद दिलाता है कि हर कैडेट की उपलब्धि के पीछे एक ऐसा परिवार होता है, जिसने सैन्य प्रशिक्षण और सेवा-जीवन की तैयारी के दौरान उसका साथ दिया।
माता-पिता को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल माइकल एजे फर्नांडीज ने देश सेवा को गर्व के साथ चुनने वाले उनके बच्चों के सराहनीय योगदान को रेखांकित किया। यह अवसर कैडेटों और उनके परिवारों की साझा यात्रा का भी उत्सव बना, क्योंकि युवा प्रशिक्षु जल्द ही कैडेट से कमीशन प्राप्त अधिकारियों के रूप में नई भूमिका संभालने जा रहे हैं।
गौरव पदक समारोह ओटीए चेन्नई में प्रशिक्षण के समापन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है। मार्च 2026 में अकादमी में आयोजित इसी तरह के समारोह में भी पासिंग आउट कोर्स के माता-पिता को सम्मानित किया गया था, जिससे भविष्य के सेना अधिकारियों के पीछे खड़े परिवारों को मान्यता देने की संस्थान की परंपरा स्पष्ट होती है।
माता-पिता के लिए यह क्षण अत्यंत गर्व का रहा, क्योंकि उनके बच्चों का महीनों का कठोर प्रशिक्षण अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। ये कैडेट जल्द ही अकादमी छोड़कर भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू करेंगे और सैनिकों का नेतृत्व करने तथा देश की सेवा करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह समारोह इस बात को भी दर्शाता है कि ओटीए चेन्नई केवल अपने कैडेटों की उपलब्धियों का ही नहीं, बल्कि उन परिवारों का भी सम्मान करती है, जिनका प्रोत्साहन और त्याग सैन्य सेवा की इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा है।