नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026: भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। यह औपचारिक मुलाकात भारतीय वायु सेना के वरिष्ठतम अधिकारी और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के बीच स्थापित सैन्य परंपरा के अनुरूप हुई।
राष्ट्रपति सचिवालय ने इस मुलाकात की पुष्टि राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल (@rashtrapatibhvn) पर की। भेंट की तस्वीरें भी साझा की गईं, जिनमें एयर चीफ मार्शल एपी सिंह राष्ट्रपति मुर्मू के साथ राष्ट्रपति निवास में औपचारिक वातावरण में बातचीत करते दिखाई दिए।
ऐसी शिष्टाचार भेंटें एक महत्वपूर्ण संस्थागत परंपरा का हिस्सा मानी जाती हैं। भारत की राष्ट्रपति, जो संविधान के तहत सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हैं, समय-समय पर सेवा प्रमुखों से औपचारिक भेंट और जानकारी प्राप्त करती हैं। इन बैठकों के माध्यम से सैन्य नेतृत्व राष्ट्रपति को परिचालन तैयारियों, क्षमता विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के बारे में
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भारतीय वायु सेना के 28वें प्रमुख हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2024 को पदभार संभाला था और एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी का स्थान लिया था।
27 अक्टूबर 1964 को नई दिल्ली में जन्मे अमर प्रीत सिंह को 21 दिसंबर 1984 को भारतीय वायु सेना के लड़ाकू धारा में कमीशन मिला था। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वे योग्य उड़ान प्रशिक्षक और प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं तथा उनके पास विभिन्न प्रकार के निश्चित पंखों वाले और रोटरी-विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है।
चार दशक से अधिक लंबे और विशिष्ट सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान, स्टाफ और परिचालन नियुक्तियों का दायित्व निभाया है। इनमें मिग-27 स्क्वाड्रन और एक अग्रिम पंक्ति के वायु अड्डे की कमान, मॉस्को में मिग-29 उन्नयन परियोजना प्रबंधन दल का नेतृत्व, तथा राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र में परियोजना निदेशक (उड़ान परीक्षण) की भूमिका शामिल है। इसी दौरान वे स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस के उड़ान परीक्षण से भी निकटता से जुड़े रहे।
उन्होंने दक्षिण पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय में वायु रक्षा कमांडर, पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी, केंद्रीय वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और बाद में वायु सेना के उप प्रमुख के रूप में भी कार्य किया है। इसके बाद उन्होंने वायु सेना प्रमुख का पद संभाला।
एयर चीफ मार्शल सिंह को परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में भारतीय वायु सेना ने परिचालन तत्परता, नई प्रणालियों के शामिल किए जाने, आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी क्षमता विकास और अन्य सेवाओं के साथ संयुक्त कार्यप्रणाली पर ध्यान बनाए रखा है।
संस्थागत महत्व
सेवा प्रमुखों और राष्ट्रपति के बीच होने वाली मुलाकातें भारत की उच्च रक्षा व्यवस्था की नियमित परंपरा का हिस्सा हैं। इससे पहले भी ऐसी शिष्टाचार भेंटें हो चुकी हैं, जिनमें सितंबर 2025 में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात और इससे पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष तथा तीनों सेवा प्रमुखों की संयुक्त भेंटें शामिल हैं।
ऐसी बैठकों से राष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिका, यानी सर्वोच्च कमांडर के रूप में उनकी स्थिति, और देश के सर्वोच्च पद के साथ सैन्य नेतृत्व के सीधे संपर्क की औपचारिक व्यवस्था स्पष्ट होती है। ये मुलाकातें नागरिक-सैन्य संबंधों की निरंतरता और भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर परंपरा को भी दर्शाती हैं।
आज की बैठक में हुई चर्चा के विशिष्ट विवरण आधिकारिक रूप से साझा नहीं किए गए हैं, जो इस तरह की उच्चस्तरीय मुलाकातों की सामान्य प्रकृति के अनुरूप है। यह भेंट भारतीय वायु सेना की इस प्रतिबद्धता को भी दोहराती है कि वह सर्वोच्च कमांडर के समग्र मार्गदर्शन में भारत के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देती रहेगी।