एयर चीफ मार्शल A.P. सिंह, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (CAS), ने भारतीय सशस्त्र बलों के बीच एकजुटता और पिछले संघर्षों का अध्ययन करने के महत्व पर जोर दिया, ताकि भविष्य की सैन्य क्षमताओं का विकास किया जा सके। यह बयान उन्होंने आर्मी वार कॉलेज (AWC) में आयोजित जॉइंट ऑपरेशनल कैपेबिलिटी असेसमेंट प्रोग्राम (JOCAP) के दौरान दिया।
बैठक के दौरान, एयर चीफ ने संकेत दिया कि पिछले युद्धों और परिचालन अनुभवों का विश्लेषण आधुनिक युद्ध के लिए उपयुक्त रणनीतियों और क्षमताओं को विकसित करने के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को मुख्य परिचालन कार्यों और चुनौतीपूर्ण वातावरण में यथार्थवादी प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो भविष्य के सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने त्रिवेणी सेवा सहयोग और एकीकृत योजना के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के बीच एकजुटता जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण है।
एकीकृत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और परिचालन समन्वय पर जोर भारतीय सैन्य का एक व्यापक दृष्टिकोण दर्शाता है, जिसका उद्देश्य एक ऐसा भविष्य-तैयार बल बनाना है जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।