पंचकूला, 17 सितंबर (यूएनआई): छावनी में तैनात एक सैनिक से 10 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में सेना से भगोड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने खुद को सेना का जवान और एजीआईएफ का लिपिक बताकर व्यक्तिगत ऋण पर बड़ी सब्सिडी दिलाने का झांसा दिया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान पंजाब के जालंधर निवासी सागर गुलेरिया के रूप में की है। उसे चंडीमंदिर पुलिस थाने में दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में वित्तीय ठगी के 12 समान मामले दर्ज हैं। उसे सेना से भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है।
आर्थिक अपराध शाखा-1 के प्रभारी तजिंदर पाल सिंह के अनुसार, सैनिक ने 1 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने जांचकर्ताओं को बताया कि गुलेरिया 6 फरवरी को जोशी एन्क्लेव के पास उससे मिला और खुद को सेना का जवान तथा एजीआईएफ का लिपिक बताकर 10 लाख रुपये के ऋण पर 7 लाख रुपये और 20 लाख रुपये के ऋण पर 15 लाख रुपये की सब्सिडी दिलाने का प्रस्ताव दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने व्हाट्सऐप के जरिए सैनिक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, कैंटीन कार्ड, वेतन पर्ची और अन्य दस्तावेज हासिल कर लिए। उसने ऑनलाइन ऋण आवेदन पूरा करने के नाम पर एकमुश्त पासवर्ड भी ले लिए। इसके बाद 9 फरवरी को 10 लाख रुपये का ऋण सैनिक के एसबीआई वेतन खाते में जमा हो गया।
आरोप है कि गुलेरिया ने इसके बाद योनो लॉगिन विवरण और एक और एकमुश्त पासवर्ड लेकर पूरी राशि अपने साथियों से जुड़े बैंक खातों में भेज दी। पहले उसने पैसा लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता से बचने लगा।
डीसीपी पंचकूला अदिति सिंह ने कहा कि जांचकर्ताओं ने इन लेन-देन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि ठगी गई राशि बरामद करने और स्थानांतरण से जुड़े व्यापक नेटवर्क की जांच के प्रयास जारी हैं।