भारतीय वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो नाशिक ने भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। वायुसेना ने भारतीय नौसेना के MiG-29K इजेक्शन सीट सिस्टम का स्वदेशी ओवरहॉल सफलतापूर्वक किया है, जो पहले रूस में किया जाता था।
यह ओवरहॉल्ड सिस्टम औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना को एयर मार्शल याला उमेश, VSM, PhD, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ मेंटेनेंस कमांड की उपस्थिति में सौंपा गया।
यह सफलता स्वदेशी एरोस्पेस रखरखाव क्षमता को बढ़ावा देती है और महत्वपूर्ण विमानन प्रणालियों के लिए विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता को कम करके आत्मनिर्भर भारत की भावना को सुदृढ़ करती है।
इस पहल ने भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के बीच उन्नत एरोस्पेस रखरखाव और स्थिरता के क्षेत्र में बढ़ती अंतर्सेवाओं की सहयोगिता और संयुक्तता को भी उजागर किया है।
अधिकारियों ने इस विकास को भारतीय रक्षा मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और सैन्य विमानन प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक संचालनात्मक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया।