तरणतारन जिले में बुधवार तड़के भारत-पाकिस्तान सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब पुलिस के एक सिपाही को रोका और उसके निजी वाहन से करीब 15 से 16 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। आरोपी की पहचान भुसे गांव निवासी सिपाही करनदीप सिंह के रूप में हुई है, जो राज्य की ड्रोन-रोधी व्यवस्था में तैनात था। उसे आगे की जांच के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंप दिया गया है।
सूत्रों और स्थानीय पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे नौशेरा ढल्ला, जिसे नौशारा दल्ला भी कहा जाता है, गांव के पास सराय अमानत खान क्षेत्र में हुई। करनदीप सिंह दो दिन की छुट्टी पर था और ड्यूटी पर नहीं था। सीमा सुरक्षा बल के जांच-बिंदु पर उसके वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें तीन पैकेटों में रखी हेरोइन मिली। तरणतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा ने 15 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी की पुष्टि की, जबकि कुछ विवरणों में यह मात्रा लगभग 16 किलोग्राम बताई गई है। सिपाही को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ख़ालड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत तैनात सिपाही ने कथित तौर पर पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई गई खेप उठाई और उसे आगे पहुंचाने के लिए ले जा रहा था। एजेंसी सूत्रों ने उसे नशे का आदी बताया है। वह 2018 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुआ था। जांचकर्ता उससे उसके कथित संपर्कों और पूरे आपूर्ति तंत्र के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। बरामद मादक पदार्थ और आरोपी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सौंप दिया गया है, जो मादक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामले की जांच कर रहा है।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि करनदीप सिंह पंजाब सरकार की ‘बाज़ आँख’ ड्रोन-रोधी प्रणाली के साथ तैनात था, जिसे अगस्त 2025 में सीमा सुरक्षा बल के पीछे दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में स्थापित किया गया था। यह प्रणाली पठानकोट से फाजिल्का तक सीमा क्षेत्र में कई इकाइयों के साथ काम करती है और ड्रग्स तथा हथियारों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन और उनके जमीनी नियंत्रण केंद्रों का पता लगाने के लिए बनाई गई है। पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो अमृतसर, तरनतारन, पठानकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर और गुरदासपुर जिलों से गुजरती है। इसके उद्घाटन के समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे अपनी तरह की पहली राज्य-स्तरीय पहल बताया था।
इसी दिन एक अलग कार्रवाई में पठानकोट पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर दो अन्य आरोपियों गुरपंथ, निवासी वडाला गांव, अमृतसर ग्रामीण, और हरमनजीत कौर, निवासी धियानपुर गांव, गुरदासपुर, को गिरफ्तार किया और उनके पास से लगभग 7.8 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। इस बरामदगी के पैकेटों पर विशिष्ट मुहरों के निशान और पाकिस्तानी चिह्न मिले। थाना सदर, पठानकोट में मादक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी संख्या 155, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय अभिलेखों और अन्य सामग्री की जांच कर आपूर्ति श्रृंखला का पता लगा रही है।
इन दोनों बरामदगियों से सीमा पार ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और पंजाब पुलिस के प्रयासों को फिर से रेखांकित किया गया है। साथ ही, ड्रोन-रोधी जिम्मेदारी निभा रहे एक कर्मी की संलिप्तता ने आंतरिक सुरक्षा प्रबंधों और अंदरूनी मदद की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की आगे की जांच जारी है, ताकि और लोगों की पहचान की जा सके और इस नेटवर्क को तोड़ा जा सके।