पंजाब के होशियारपुर जिले में सीमा सुरक्षा बल के एक जवान को अपनी पत्नी की कथित हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले यह दावा किया था कि उसकी पत्नी घर की छत से गिरकर मर गई। महिला के परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, जिसमें लंबे समय से प्रताड़ना, मारपीट और मौत को हादसा दिखाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
आरोपी की पहचान अमरजीत सिंह के रूप में हुई है, जिसे कुछ रिपोर्टों में अमरजीत भी लिखा गया है। वह होशियारपुर के हाजीपुर के पास शेखमट्टा गांव का रहने वाला है। उसकी पत्नी रमा की मौत 13 और 14 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात हुई। दंपति की शादी को करीब 12 साल हो चुके थे और उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।
घटना का क्रम
परिवार की शिकायत और पुलिस के मुताबिक, अमरजीत सिंह उस समय घर पर छुट्टी पर था। 13 अगस्त की रात उसने कथित तौर पर रमा के साथ घर में मारपीट की। 14 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे उसने परिवार को सूचना दी कि रमा छत से गिर गई है और उसे गंभीर चोटें आई हैं। इसके बाद उसे हाजीपुर के सिविल अस्पताल, जिसे कुछ रिपोर्टों में सरकारी अस्पताल भी बताया गया है, ले जाया गया।
रमा के पिता राम चंद और अन्य रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने उसे मृत पाया। परिजनों ने उसके सिर और शरीर पर कई चोटों के निशान देखे, जिससे उन्हें यह संदेह हुआ कि उसे गिरने से नहीं, बल्कि पीटकर मारा गया है। परिवार का आरोप है कि मौत को छत से गिरने की घटना बताकर असली कारण से ध्यान हटाने की कोशिश की गई।
परिवार के लंबे समय से चले आ रहे आरोप
एफआईआर का आधार बनी शिकायत में राम चंद ने कहा कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही पति की ओर से प्रताड़ना और मारपीट झेलनी पड़ रही थी। एक प्रमुख आरोप यह भी था कि रमा पर अपने मायके की संपत्ति में हिस्से के लिए दबाव बनाया जाता था। रिश्तेदारों का कहना है कि कई बार उसके साथ मारपीट की गई।
परिवार के अनुसार, करीब तीन से चार महीने पहले भी अमरजीत ने रमा की पिटाई की थी। उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। परिजनों का कहना है कि ताजा घटना उसी हिंसा की कड़ी थी, जिसका अंत उसकी मौत के रूप में हुआ।
पुलिस ने अमरजीत के चाचा कुलदीप, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में कुकी भी कहा गया है, और बुआ सोनिया को भी मामले में नामजद किया है। परिवार का आरोप है कि मारपीट उनकी उकसाहट पर हुई या बाद में मामले को दबाने की कोशिश में उनकी भूमिका रही। दोनों फिलहाल फरार हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हाजीपुर थाना पुलिस ने राम चंद की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक हरप्रेम सिंह, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में हरप्रीत सिंह भी लिखा गया है, ने पुष्टि की कि अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया, जो उनके पैतृक गांव में किया जाना था। पुलिस साक्ष्य की जांच कर रही है, बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना के सही क्रम, साथ ही अन्य दो आरोपियों की कथित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
रिपोर्टों में पुष्टि हुए प्रमुख तथ्य
एनडीटीवी, द टाइम्स ऑफ इंडिया, न्यूज़18 और द ट्रिब्यून जैसी प्रमुख संस्थाओं ने आरोपी को सीमा सुरक्षा बल के जवान के रूप में ही बताया है। एक शुरुआती इंडिया टुडे रिपोर्ट में उसे सेना का जवान बताया गया था, लेकिन बाद की विस्तृत रिपोर्टों में सीमा सुरक्षा बल की पुष्टि हुई। घटना स्थल होशियारपुर क्षेत्र के हाजीपुर के पास बताया गया है, जहां उपचार और मृत्यु की पुष्टि हुई।
यह मामला डेढ़ दशक से अधिक समय तक चली दांपत्य हिंसा के आरोपों को सामने लाता है, जिसके अंत में छुट्टी पर आए जवान पर घातक हमला करने और मौत को हादसा दिखाने की कोशिश का आरोप है। मुख्य आरोपी हिरासत में है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
अधिकारियों ने संपत्ति की मांग और लगातार शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े परिवार के आरोपों के अलावा मकसद पर कोई अतिरिक्त आधिकारिक बयान नहीं दिया है। आगे की फोरेंसिक और जांच संबंधी पड़ताल से रमा की मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।