जर्मनी ने जोधपुर में आयोजित अभ्यास तरंग शक्ति 2026 के लिए एयरबस ए400एम सैन्य परिवहन विमान तैनात किया है। इस विमान का दल लड़ाकू विमानों के साथ बहुराष्ट्रीय वायु अभियानों में भाग ले रहा है।
ए400एम पर तैनात जर्मन वायु सेना के कैप्टन मौरीस बर्न्स ने कहा कि यह अभ्यास परिवहन दल को बड़े गठन का हिस्सा बनकर संचालन करने और भारतीय वायु सेना के साथ समन्वय को मजबूत करने का अवसर दे रहा है।
जर्मन ए400एम लड़ाकू विमानों के साथ बड़े स्तर की भागीदारी वाले अभियानों में शामिल है। इससे परिवहन दल को जटिल बहुराष्ट्रीय वायु अभियानों और ऐसे अभ्यासों के दौरान परिवहन तथा लड़ाकू विमानों के बीच आवश्यक समन्वय का अनुभव मिल रहा है।
कैप्टन बर्न्स ने इस अभ्यास को जर्मन वायु सेना के लिए एक मूल्यवान शिक्षण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि भारत में उड़ान भरने से जर्मन दल को भारतीय वायु सेना की मिशन योजना और जटिल वायु अभियानों के लिए आवश्यक समन्वय की समझ मिल रही है।
इस भागीदारी का उद्देश्य भारतीय और जर्मन लड़ाकू तथा परिवहन विमानों के बीच अंतर-संचालनीयता को भी बेहतर बनाना है। भाग लेने वाले वायु दलों, मिशन योजनाकारों और समर्थन कर्मियों के बीच संवाद से अनुभवों का आदान-प्रदान और एक-दूसरे की प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिल रहा है।
ए400एम जर्मनी के वायु परिवहन बेड़े का एक प्रमुख हिस्सा है और यह भारी माल ढोने के साथ-साथ सामरिक और रसद मिशन भी कर सकता है। तरंग शक्ति 2026 में इसकी भागीदारी ने इस बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में परिवहन विमान आयाम जोड़ा है।
जर्मन विमान युद्धक, परिवहन और वायु ईंधन भरने वाले प्लेटफॉर्म के व्यापक समूह का हिस्सा है। अभ्यास में शामिल विदेशी विमानों में एफ-35 लाइटनिंग II, राफाल, एफ-16, ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए शामिल हैं।
तरंग शक्ति 2026 “साझेदारी में शक्ति” थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश भाग ले रहे हैं।
ए400एम की भागीदारी से दोनों वायु सेनाओं को बड़े गठन वाले अभियानों में साथ काम करने और एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं से अधिक परिचित होने का अवसर मिल रहा है।
यह अभ्यास 2024 में हुए पहले तरंग शक्ति पर भी आधारित है। 2026 संस्करण में वायु दल, मिशन योजनाकार और संचालन समर्थन कर्मी उड़ान गतिविधियों और पेशेवर संवादों के लिए साथ आए हैं।
उड़ान अभियानों के अलावा इस अभ्यास में अंतर-संचालनीयता, वायु-अंतरिक्ष सुरक्षा और आपसी सीख को मजबूत करने वाली गतिविधियाँ भी शामिल हैं। कार्यक्रम में एक संगोष्ठी, एक औद्योगिक भ्रमण, सेखोन मैराथन, विरासत स्थलों का भ्रमण और योग सत्र भी शामिल हैं।
कई विदेशी वायु सेनाओं की भागीदारी से भारतीय वायु सेना और सहभागी दलों को बहुराष्ट्रीय वायु गतिविधियों के दौरान परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिल रहा है।
जर्मनी के लिए जोधपुर में ए400एम की तैनाती उसके परिवहन दलों को लड़ाकू विमानों के साथ प्रशिक्षण लेने और बड़े गठन वाले अभियानों के दौरान अपनाई जाने वाली संचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर देती है।
इस प्रकार यह अभ्यास उड़ान गतिविधि, पेशेवर संवाद और संचालन संबंधी सीख को एक साथ जोड़ता है। जर्मनी का ए400एम तरंग शक्ति 2026 के बहुराष्ट्रीय घटक में योगदान दे रहा है और जर्मन तथा भारतीय वायु दलों के बीच समन्वय को मजबूत कर रहा है।