केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सशस्त्र सीमा बल के पूर्व सहायक कमांडेंट अमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर स्मगलरों के साथ गठजोड़ कर भारत-नेपाल सीमा पर बड़े पैमाने पर सीमा पार तस्करी को सुगम बनाने का आरोप है। कुछ रिपोर्टों में उनका नाम अमित कुमार भी बताया गया है।
प्राथमिकी में अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि अमित ने यह गतिविधियाँ बिहार के सीतामढ़ी में सशस्त्र सीमा बल की 20वीं बटालियन में अपनी तैनाती के दौरान मार्च 2023 से जनवरी 2026 के बीच कीं।
आरोप के अनुसार उन्होंने रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों के कुख्यात स्मगलरों से मिलीभगत की और भंगहा सीमा चौकी के जरिए बड़े पैमाने पर तस्करी को बढ़ावा दिया। इसके बदले में उन्हें अनुचित लाभ मिलने का भी आरोप है। भारत-नेपाल सीमा के खुले स्वरूप के कारण कुछ स्थानों पर सोना, मादक पदार्थ और उपभोक्ता वस्तुओं की आवाजाही पहले से चर्चा में रही है।
एजेंसी ने अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद कई बैंक खातों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का भी उल्लेख किया है। इनमें नकद जमा मशीनों के जरिए की गई बड़ी नकद जमा राशि शामिल है। जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या अधिकारी ने अवैध संपत्ति अर्जित की, अपने गृह राज्य हरियाणा में बड़ी संपत्ति खरीदी और बाद में सरकारी सेवा छोड़ दी।
यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं।
मामला दर्ज होने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीमों ने हरियाणा के सोनीपत में अमित से जुड़े ठिकानों पर, जिनमें विकास नगर कॉलोनी भी शामिल है, तलाशी ली। इन तलाशी के दौरान संपत्ति खरीद और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए।
जब्त रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि धन के स्रोतों का पता लगाया जा सके, यह आंका जा सके कि संपत्ति अर्जन ज्ञात आय के स्रोतों से असंगत तो नहीं है और सीमा पर तैनाती के दौरान कथित तस्करी से किसी संबंध की पुष्टि की जा सके।
जांच अभी जारी है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो 20वीं बटालियन के ड्यूटी रिकॉर्ड, भंगहा सीमा चौकी पर संपर्कों, अन्य व्यक्तियों की भूमिका और पूरी वित्तीय श्रृंखला की पड़ताल कर रहा है। आरोप अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं और नतीजा जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगा।
यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा पर भ्रष्टाचार और तस्करी को बढ़ावा देने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसकी मुख्य सुरक्षा सशस्त्र सीमा बल करता है। यह मामला सीमा प्रबंधन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों की सतर्कता के महत्व को भी रेखांकित करता है।