नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर बुधवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में रक्षा मंत्रालय ने एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस पहल में 134 अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया।
यह शिविर सशस्त्र बल रक्ताधान केंद्र के सहयोग से इस वर्ष की अभियान थीम “मानवता की एक बूंद, रक्त दीजिए, जीवन बचाइए” के तहत आयोजित किया गया।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य कार्य विभाग के सचिव जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने शिविर में भाग लिया। उनके साथ रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव सुखृति लिखी भी मौजूद रहीं। रक्षा मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों ने भी इस पहल में हिस्सा लिया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्तदान अभियान की निगरानी एक विशेष चिकित्सकीय दल ने की, जिसमें दो चिकित्सा अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी और 10 सहायक चिकित्सा कर्मी शामिल थे, जो रक्ताधान सहायक के रूप में कार्यरत थे।
दान प्रक्रिया को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण और सुविधाएँ पहले से उपलब्ध कराई गई थीं। रक्तदान से पहले प्रत्येक प्रतिभागी की परामर्श और स्वास्थ्य जांच की गई, ताकि निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके और दाताओं के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान कुल 134 अधिकारियों और कर्मियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस पहल का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को रेखांकित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान के लिए कर्मियों को प्रेरित करना था।
भारत में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस हर वर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है, ताकि स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और योग्य लोगों को नियमित रक्तदाता बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। मंत्रालय ने कहा कि यह शिविर स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और जीवनरक्षक रक्ताधान की आवश्यकता वाले लोगों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के प्रयासों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराता है।