पटना में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान को लड़की से मिलने के बहाने बुलाकर अगवा करने, एक विश्वविद्यालय छात्रावास में करीब 48 घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट करने और उसके बैंक खातों से लगभग 3 लाख रुपये निकलवाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में विश्वविद्यालय के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित की पहचान नबिज कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें कुछ रिपोर्टों में नबीज, नवेज या नवीज कुमार भी लिखा गया है। वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सामान्य ड्यूटी सिपाही हैं और दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र के खंगरैथा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती पटना में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के पूर्वी सेक्टर मुख्यालय में है।
घटना कैसे हुई
शिकायत और पुलिस जांच के अनुसार नबिज कुमार का कुछ समय से एक ऐसे व्यक्ति से फोन और संदेशों के जरिए संपर्क था, जो लड़की बनकर बात कर रहा था। 15 अगस्त 2026 की रात उन्हें मिलने के बहाने पटना के पीरबहोर इलाके में बुलाया गया। मौके पर पहुंचते ही दो युवकों ने उन्हें काबू में कर लिया।
आरोप है कि उन्हें पटना विश्वविद्यालय परिसर के मिंटो छात्रावास के एक खाली कमरे में ले जाया गया। कुछ रिपोर्टों में इसे कमरा संख्या 4 बताया गया है। वहां उन्हें लगभग दो दिन तक बंद रखा गया और इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई तथा धमकाया गया। उनका मोबाइल फोन और भारतीय स्टेट बैंक के दो डेबिट कार्ड भी छीन लिए गए। इन्हीं के जरिए उनके खातों से लगभग 3 लाख रुपये निकाल लिए गए या स्थानांतरित कर दिए गए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी लगातार उन पर नजर रखे हुए थे। 17 अगस्त को जब दोनों पानी लेने बाहर गए और दरवाजा खुला रह गया, तब जवान वहां से भागने में सफल हो गए। इसके बाद वे सीधे पीरबहोर थाने पहुंचे और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। थाने में प्राथमिकी संख्या 628/26 दर्ज की गई।
जांच और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद पीरबहोर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस की गतिविधि का अंदेशा होने पर आरोपी फरार हो गए थे। नगर उपाधीक्षक-1 राजेश रंजन के पर्यवेक्षण और पीरबहोर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी की।
23 अगस्त 2026 की रात पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान हरष कुमार उर्फ धीरज कुमार और विकास कुमार उर्फ शुभंकर के रूप में हुई है।
हरष कुमार की उम्र 23 वर्ष बताई गई है। वे सारण जिले के विशुनपुरा के रहने वाले हैं और पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में परास्नातक छात्र हैं। उनका संबंध 2025-27 सत्र से बताया गया है और वे दरभंगा हाउस से जुड़े हैं।
विकास कुमार की उम्र 25 वर्ष है। वे लखीसराय जिले के सिलवे के निवासी हैं और पटना कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के छात्र हैं। उन्हें 2022-25 सत्र से जोड़ा गया है। बताया गया है कि दोनों उस समय हथुआ छात्रावास में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार विकास कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास है।
बरामदगी और वित्तीय जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल फोन, भारतीय स्टेट बैंक के दो डेबिट कार्ड और 50,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। जवान के खाते में बची लगभग 1.88 लाख रुपये की राशि को बैंक ने पुलिस के अनुरोध पर रोक दिया है। अब लेनदेन के क्रम, एटीएम से निकासी और किसी अतिरिक्त डिजिटल हस्तांतरण की जांच की जा रही है।
मामले की स्थिति
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़ित को बहकाने की पूरी योजना क्या थी, लड़की बनकर संपर्क करने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी, धन हस्तांतरण किस तरह किया गया और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। अधिकारियों के अनुसार जांच यह भी देखेगी कि इन दोनों से जुड़े और कौन-कौन से आपराधिक मामले हो सकते हैं।
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सेवारत जवान को राज्य की राजधानी में विश्वविद्यालय छात्रावास के भीतर बंधक बनाकर शारीरिक दबाव और बैंकिंग विवरण तक पहुंच के जरिए ठगा गया। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सावधानी बरतने और संदिग्ध संपर्कों की तुरंत सूचना देने की अपील की है।