रांची में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक हवलदार की रविवार को सेवा हथियार से चली गोली लगने के बाद मृत्यु हो गई। यह घटना रांची के एक शिविर में हुई, जिसके बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि गोली चलना जानबूझकर हुआ या दुर्घटनावश।
यह घटना तिरिल स्थित सीआरपीएफ शिविर में हुई, जो विधान सभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मृतक की पहचान पलामू जिले के इमलियाटीकर गांव निवासी भुवनेश्वर पाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पलामू के हुसैनाबाद अनुमंडल के हैदरनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे और तिरिल शिविर में हवलदार के पद पर तैनात थे।
पुलिस के अनुसार, पाल ड्यूटी पर थे तभी उनके गले में गोली लगी। इससे अधिक रक्तस्राव हुआ और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। शिविर कर्मियों ने गोली चलने की सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक दल को भी बुलाया गया।
विधान सभा थाना प्रभारी दिनेश ठाकुर ने बताया कि जांचकर्ता अभी तक परिस्थितियों का पता नहीं लगा सके हैं। उन्होंने कहा, “हम यह जांच कर रहे हैं कि यह आत्महत्या थी या उन्होंने गलती से खुद को गोली मार ली।” शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे की जांच जारी है, जिसमें किसी व्यक्तिगत या पारिवारिक कारण की भी पड़ताल की जा रही है, हालांकि अभी किसी मकसद की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की संयुक्त जांच रांची पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी कर रहे हैं। गोली चलने का सटीक समय, हथियार की स्थिति या किसी पूर्व तनाव के संकेत को लेकर अभी तक कोई अतिरिक्त आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।