हाल ही में एक वीडियो क्लिप सामने आई है जिसमें पाकिस्तान सेना के विशेष सेवा समूह के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) उमैर बांगश, फरवरी 27, 2019 को भारतीय और पाकिस्तानी बलों के बीच हुई हवाई मुठभेड़ के घटनाक्रम को बताते हुए नजर आ रहे हैं। इस क्लिप में, बांगश कहते हैं कि उन्होंने इस घटना के दौरान तीन पैराशूटों को गिरते हुए देखा, जिनमें से एक भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान का माना जाता है। इस बयान को कई भारतीय मीडिया चैनल और विश्लेषक संभावित सबूत के रूप में देख रहे हैं जो पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान के मारे जाने के भारत के पुराने दावे का समर्थन करता है।
2019 की घटना का पृष्ठभूमि
यह बहस उस समय से शुरू होती है जब भारत ने 26 फरवरी, 2019 को पुलवामा हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाईstrike किया। अगले दिन, पाकिस्तानी विमान भारतीय एयरस्पेस में प्रवेश कर गए, जिसके परिणामस्वरूप एक हवाई मुठभेड़ हुई। भारत नेassert किया कि उसके MiG-21 Bison, जिसको वर्थमान ने उड़ाया था, ने एक R-73 मिसाइल का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तानी F-16 को सफलतापूर्वक गिराया, इसके बाद वर्थमान का विमान भी हिट हुआ, जिससे उन्हें निकालना पड़ा और पकड़ा गया। पाकिस्तान ने इस दावे को लगातार खारिज किया है, यह बताते हुए कि कोई F-16 नहीं गिरा और उसने दो भारतीय विमानों को गिराने का दावा किया, हालांकि केवल वर्थमान का MiG-21 मलबा ही सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया।
वीडियो क्लिप से विवरण
वीडियो में, जो एक साक्षात्कार या चर्चा का प्रतीत होता है, बांगश ने नियंत्रण रेखा के पास हवाई झड़प के दौरान जमीन स्तर पर प्रतिक्रिया का वर्णन किया है। वे बताते हैं कि तीन पैराशूट दिखाई दिए, जिनमें से एक को वर्थमान का बताया गया है। इस पल की तनावपूर्ण स्थिति को याद करते हुए बांगश स्पष्ट रूप से उत्तेजित नजर आते हैं। भारतीय टिप्पणीकारों ने सुझाव दिया है कि शेष दो पैराशूट पाकिस्तानी विमानों से निकलने की संभावित घटनाओं को दर्शा सकते हैं, जिसमें एक पायलट की रिपोर्ट के अनुसार घायल होने की स्थिति हो सकती है। यह व्याख्या 2019 में पहले की गई अविश्वसनीय रिपोर्टों के साथ मेल खाती है जिसमें कहा गया था कि एक पाकिस्तानी पायलट को अस्पताल में भर्ती किया गया या मारा गया था।
प्रतिक्रियाएँ और व्याख्याएँ
यह क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर व्यापक रूप से फैल गई है, जिसमें भारतीय स्त्रोतों ने इसको एक अनजाने में की गई स्वीकृति के रूप में प्रस्तुत किया है जो पाकिस्तान की आधिकारिक कहानी को कमजोर करता है। विश्लेषकों, जिसमें सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना के अधिकारी शामिल हैं, ने इसे पर tidligere सबूतों के साथ सन्दर्भित किया है, जैसे कि लड़ाई की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस पुनर्निर्माण, ताकि F-16 के दावे की पुष्टि की जा सके।
पाकिस्तानी दृष्टिकोण से, इस क्लिप पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐतिहासिक रूप से, पाकिस्तान ने ऐसे दावों को प्रचार के रूप में खारिज किया है, यह बताते हुए कि उसके सभी F-16s का हिसाब है और किसी भी विसंगति को गलत सूचना पर आधारित बताया है। बांगश की गवाही, जबकि विस्तृत है, स्पष्ट रूप से किसी F-16 या विमान की हानि का उल्लेख नहीं करती, बल्कि पकड़ने के ऑपरेशन पर फोकस करती है।