पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित जासूसी और भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप में पंजाब पुलिस ने पूर्व लांस नायक राजबीर सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के हासीमारा से हुई।
राजबीर सिंह पंजाब के तरनतारन जिले के रसूलपुर गांव का रहने वाला है। उसका पीछा कर रही पंजाब पुलिस की टीम ने गुरुवार को स्थानीय हासीमारा पुलिस की मदद से उसे पकड़ा। भारत-भूटान सीमा के पास स्थित इस इलाके में भारतीय सेना की छावनी भी है।
सिंह को सिलीगुड़ी की अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। राज्य की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक सौमित्र सिन्हा सरकार ने बताया कि पंजाब पुलिस आरोपी का सुराग लगाते हुए उत्तर बंगाल पहुंची थी। अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है, जिससे पुलिस उसे आगे की जांच के लिए पंजाब ले जा सकेगी। उसे फाजिल्का की अदालत में पेश किया जाना है।
यह मामला 8 अक्टूबर, 2026 को पंजाब के फाजिल्का थाने में शासकीय गुप्त बात अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। मामले में लगाई गई धाराओं को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। कुछ में धारा 3 और 4 का उल्लेख है, जबकि कुछ में धारा 34 बताई गई है। सिंह पर सेना में सेवा के दौरान भी गोपनीय सैन्य जानकारी और खुफिया सूचनाएं आईएसआई तक पहुंचाने का आरोप है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वह फरार था।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस मामले में उसका कम से कम एक सहयोगी भी शामिल था, जो अभी फरार है। कुछ रिपोर्टों में जांच को गुरनौर सिद्धू नाम की महिला की गिरफ्तारी से भी जोड़ा गया है। उसे इसी फाजिल्का मामले में 8 अक्टूबर को पाकिस्तानी हैंडलरों तक सेना से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उससे पूछताछ में सिंह सहित सेना के कुछ कर्मियों के नाम सामने आए थे।
सीमा से नजदीकी और सैन्य छावनी की मौजूदगी के कारण हासीमारा संवेदनशील इलाका है। पुलिस ने मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल कथित तौर पर साझा की गई जानकारी की प्रकृति, संभावित नेटवर्क के दायरे और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।