नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026: थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में आयोजित एक विशेष समारोह में 20वें एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय सेना दल को सम्मानित किया। इस अवसर पर सेना के उन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सराहा गया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को गौरव दिलाया।
“जय से विजय – विजय से विजेता” विषय के तहत आयोजित इस सम्मान समारोह में भारतीय सेना के खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को मान्यता दी गई। यह आयोजन महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन के लिए किया गया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जनरल धीरज सेठ ने सैनिक और विजेता की भावना के बीच समानता का उल्लेख किया। उन्होंने दृढ़ता, लचीलापन, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के महत्व पर बल दिया।
थल सेनाध्यक्ष ने दल के पदक अभियान में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी की विशेष रूप से सराहना की। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 16 पदकों से बढ़कर एशियाई खेल 2026 में यह संख्या 20 पदकों तक पहुंच गई। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की मेहनत और भारतीय सेना की खेल व्यवस्था की बढ़ती ताकत का प्रतिबिंब बताया।
जनरल सेठ ने भारतीय सेना की मिशन ओलंपिक्स विंग के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह इकाई सेना के भीतर खेल प्रतिभा की पहचान करने, उसे निखारने और समर्थन देने में अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल के तहत खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण लेने और बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारी करने के अवसर मिलते हैं।
इस बातचीत के दौरान थल सेनाध्यक्ष ने खिलाड़ियों से उन क्षेत्रों पर भी सुझाव लिए, जहां तैयारी, प्रशिक्षण सुविधाओं और समग्र खेल प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने खिलाड़ियों को अपनी सीमाएं आगे बढ़ाने और “खेल योद्धा” की भावना तथा “जय से विजय” की सोच को अपनाकर और बड़ी उपलब्धियों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आगे की ओर देखते हुए जनरल धीरज सेठ ने विश्वास जताया कि भारतीय सेना के खिलाड़ी लॉस एंजिलिस ओलंपिक्स 2028 में और भी मजबूत प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने उनसे प्रतिस्पर्धी भावना बनाए रखने और देश के लिए अधिक खेल गौरव अर्जित करने की दिशा में कार्य करते रहने का आग्रह किया।
समारोह ने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय सेना अपनी मुख्य जिम्मेदारी, यानी राष्ट्र की सुरक्षा, के साथ खेल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मिशन ओलंपिक्स विंग जैसी पहलों के माध्यम से सेना उन खिलाड़ियों का समर्थन करती रही है, जो अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य रखते हैं।
एशियाई खेल 2026 में सेना दल की उपलब्धियां इस बल के शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता पर निरंतर जोर को दर्शाती हैं। यही गुण सैन्य सेवा और प्रतिस्पर्धी खेल, दोनों के लिए केंद्रीय बने हुए हैं।