जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, थल सेनाध्यक्ष, भारतीय सेना ने 19 अगस्त 2026 को नेपाल के पोखरा में आयोजित भूतपूर्व सैनिक रैली में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और वीर नारीयों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके उत्कृष्ट सेवा-भाव, बलिदान और समाज में निरंतर योगदान को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान जनरल धीरज सेठ ने सेवा निवृत्ति के बाद समाज के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए नौ पूर्व सैनिकों को योद्धा सेवा सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में सूबेदार एवं मानद कैप्टन रेशम बहादुर चेत्री, सूबेदार एवं मानद कैप्टन किशन बहादुर थापा, सूबेदार एवं मानद कैप्टन डम बहादुर पुन, सूबेदार मेजर एवं मानद लेफ्टिनेंट बिदुर थापा, सूबेदार एवं मानद कैप्टन तारा प्रसाद श्रेष्ठ, हवलदार कर्ण बहादुर गुरुङ, हवलदार मबी राज राई, नायक कुल बहादुर चेत्री और नायक जगत प्रसाद गुरुङ शामिल थे।
पूर्व सैनिकों ने सैन्य जीवन पूरा करने के बाद भी सेवा की भावना को बनाए रखा है। शिक्षा और कल्याण से जुड़ी विभिन्न पहलों के माध्यम से उन्होंने अपने गांवों और स्थानीय समुदायों के उत्थान में योगदान दिया है।
कई पूर्व सैनिकों ने इस क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना कर रहे पर्यटकों की सहायता के लिए बचाव दल भी बनाए हैं। इससे वर्दी में बिताए वर्षों के बाद भी उनकी जनसेवा और समुदाय कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।
जनरल धीरज सेठ ने उनके निस्वार्थ प्रयासों और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सेवा, प्रतिबद्धता और आपसी भाईचारे के मूल्यों को निरंतर जीवित रखने के लिए उनकी प्रशंसा की।
रैली के दौरान वीर नारीयों को भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके बलिदान और योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था। साथ ही, पूर्व सैनिकों के कल्याण और बेहतर जीवन-स्तर के लिए उन्हें चलने-फिरने में सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए।
थल सेनाध्यक्ष ने कोहलपुर में भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा केंद्र को भी पूर्व सैनिक समुदाय की सेवा के लिए समर्पित किया। यह सुविधा नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करेगी।
पोखरा में हुआ यह संवाद भारतीय सेना और उसके पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करता है। इस अवसर ने उनकी गरिमा, कल्याण और निरंतर समर्थन के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट किया।
योद्धा सेवा सम्मान के माध्यम से नौ पूर्व सैनिकों का सम्मान यह भी दर्शाता है कि सैन्य सेवा की भावना वर्दी छोड़ने के बाद भी मार्गदर्शन करती रहती है। उनके योगदान समाज को मजबूत करने और समुदायों की सेवा करने में सहायक बने हुए हैं।