भारतीय सेना की खड़गा कोर के अंतर्गत एयरावत डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने आगामी अग्निवीर भर्ती रैली की अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सेना की ओर से निष्पक्ष, पारदर्शी और शुल्क-मुक्त भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह रैली 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित की जानी है। इसका आयोजन सेना भर्ती कार्यालय, पटियाला, द्वारा मुख्यालय भर्ती क्षेत्र, जालंधर, के तहत किया जा रहा है।
भर्ती रैली के माध्यम से पंजाब के छह जिलों पटियाला, मानसा, मलेरकोटला, संगरूर, बरनाला और फतेहगढ़ साहिब के पात्र युवाओं को अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में शामिल होने का अवसर मिलेगा। बहु-दिवसीय इस भर्ती अभियान में हजारों इच्छुक अभ्यर्थियों के भाग लेने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान जीओसी ने भर्ती स्थल की तैयारी, प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा उपाय, चिकित्सा सुविधाओं और रसद समर्थन की समीक्षा की। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने सेना कमांडर को विस्तार से की गई तैयारियों की जानकारी दी, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, दक्ष और सुरक्षित वातावरण में सम्पन्न हो सके।
सैन्य भर्ती में ईमानदारी के महत्व पर जोर देते हुए जीओसी ने रैली से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्चतम पेशेवर मानकों और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया का हर चरण पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र उम्मीदवार को समान अवसर मिल सके।
निरीक्षण में भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय को भी रेखांकित किया गया। एयरावत डिवीजन और पटियाला जिला प्रशासन ने मिलकर भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आवास, स्वच्छता, पेयजल, आपात चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था सहित व्यापक प्रबंध किए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि बड़े पैमाने की भर्ती गतिविधियों के सफल संचालन में ऐसे नागरिक-सैन्य सहयोग की अहम भूमिका होती है। इससे विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय सहज रहता है और भर्ती प्रक्रिया बिना व्यवधान आगे बढ़ती है।
अग्निवीर भर्ती रैली अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना की देशव्यापी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें प्रेरित और शारीरिक रूप से योग्य युवाओं को मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से सेना में शामिल किया जाता है।
अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षण, शारीरिक माप परीक्षण, चिकित्सा जांच और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी विभिन्न चरणों से गुजरना होगा। इन चरणों में सफल होने के बाद ही वे भर्ती के आगे के चरणों के लिए पात्र होंगे।
सेना ने पात्र युवाओं से आग्रह किया है कि वे आत्मविश्वास के साथ भर्ती प्रक्रिया में भाग लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। साथ ही, उन्हें धोखेबाज एजेंटों और भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
जीओसी ने शामिल सभी एजेंसियों की तैयारियों पर भरोसा जताया और सैन्य कर्मियों तथा नागरिक अधिकारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोजन टीमों की पेशेवर कार्यशैली और प्रतिबद्धता से अभ्यर्थियों को सकारात्मक अनुभव मिलेगा और भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के साथ अब अग्निवीर भर्ती रैली शुरू होने के लिए तैयार है। यह पंजाब के हजारों युवाओं को भारतीय सेना में अपनी यात्रा शुरू करने का अवसर देगी और पारदर्शी, दक्ष तथा मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।