बरेली में जूनियर लीडर्स अकादमी में आयोजित नेतृत्व एवं प्रबंधन पाठ्यक्रम 22 जुलाई 2026 को संपन्न हुआ। छह सप्ताह के इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा बलों के जूनियर सैन्य नेतृत्व की क्षमताओं को मजबूत करना था।
इस पाठ्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, असम राइफल्स और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जूनियर लीडर्स शामिल हुए। पूरे प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऐसे कौशलों पर केंद्रित गहन शिक्षा दी गई, जो आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए आवश्यक हैं।
पाठ्यक्रम में निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व, धैर्य, व्यावसायिक नैतिकता और प्रौद्योगिकीय जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को इस तरह प्रशिक्षित किया गया कि वे वर्तमान और भविष्य के रणक्षेत्रों में सैनिकों का प्रभावी नेतृत्व कर सकें।
समापन समारोह में जूनियर लीडर्स अकादमी के कमांडेंट ब्रिगेडियर गौरव कपूर ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जूनियर लीडर्स सैन्य संरचनाओं की रीढ़ होते हैं और उनका नेतृत्व, व्यावसायिकता तथा सैनिकों को प्रेरित करने की क्षमता सीधे अभियान की सफलता को प्रभावित करती है।
उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परंपराओं का पालन करते हुए अपने करियर में नवाचार और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखें। समारोह के दौरान ब्रिगेडियर कपूर ने पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार भी प्रदान किए।
सिख रेजिमेंट के हवलदार मनिंदर सिंह को सर्वोत्तम विद्यार्थी चुना गया। उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उनके अनुकरणीय नेतृत्व गुणों, पेशेवर दक्षता और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस नेतृत्व एवं प्रबंधन पाठ्यक्रम का सफल समापन जूनियर लीडर्स अकादमी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत सक्षम, धैर्यवान और प्रौद्योगिकी में दक्ष सैन्य नेतृत्व तैयार किया जा रहा है। यह कार्यक्रम तीनों सेनाओं और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता को भी मजबूत करता है।
इसके साथ ही इसने पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया और देश की सुरक्षा संस्थाओं के बीच संयुक्त भावना को और सुदृढ़ किया।