कोहिमा, 23 जुलाई 2026: असम राइफल्स ने नागालैंड के कोहिमा गैरीसन में असम रेजिमेंट के छह नव-नियुक्त युवा अधिकारियों के लिए एक अभिमुखीकरण यात्रा का आयोजन किया। 22 जुलाई 2026 को हुई इस पहल का उद्देश्य उन्हें बल के कार्यपर्यावरण, विशिष्ट सैन्य विरासत और स्थायी पेशेवर आचार से परिचित कराना था।
इस कार्यक्रम के जरिए युवा अधिकारियों को असम राइफल्स की परिचालन जिम्मेदारियों, परंपराओं और विरासत की जानकारी दी गई। भारत के सबसे पुराने अर्धसैनिक बलों में से एक असम राइफल्स की भूमिका के बारे में भी उन्हें महत्वपूर्ण समझ प्रदान की गई, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता बनाए रखने में निभाई जाती है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने असम रेजिमेंट युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन वीर सैनिकों को याद किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। समारोह ने रेजिमेंट की साहस, सम्मान और निःस्वार्थ सेवा की समृद्ध विरासत को भी रेखांकित किया।
यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण मेजर जनरल एच. एस. मावी, महानिरीक्षक, असम राइफल्स (उत्तर), और वरिष्ठ असम राइफल्स अधिकारियों के साथ संवाद रहा। इस बातचीत में युवा अधिकारियों को बल की परिचालन विरासत, नेतृत्व की सोच और पेशेवर मानकों के बारे में उपयोगी जानकारी मिली। वरिष्ठ कमांडरों ने अपने अनुभव साझा करते हुए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ईमानदारी, परिचालन उत्कृष्टता और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व पर बल दिया।
अधिकारियों ने कोहिमा युद्ध कब्रिस्तान का भी दौरा किया, जहां उन्हें कोहिमा की लड़ाई के इतिहास और उसके स्थायी सैन्य महत्व से अवगत कराया गया। द्वितीय विश्व युद्ध की निर्णायक मुठभेड़ों में शामिल इस लड़ाई ने उन सैनिकों के असाधारण साहस और बलिदान की स्मृति को भी सामने रखा, जिन्होंने इसमें भाग लिया था।
सैन्य विरासत के साथ-साथ अभिमुखीकरण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को किसामा धरोहर ग्राम भी ले जाया गया। यहां उन्होंने नागालैंड की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और धरोहर को निकट से देखा। इस यात्रा से उन्हें क्षेत्र की विशिष्ट सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की बेहतर समझ मिली, जो पूर्वोत्तर में सेवा देने वाले अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यह कार्यक्रम इस बात की पुष्टि करता है कि असम राइफल्स भावी सैन्य नेतृत्व को परिचालन वास्तविकताओं, ऐतिहासिक विरासत, नेतृत्व मूल्यों और क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराकर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे प्रयास पेशेवर क्षमता को मजबूत करने, आपसी संस्थागत संबंधों को बढ़ाने और युवा अधिकारियों को आत्मविश्वास, संवेदनशीलता तथा कर्तव्यबोध के साथ नेतृत्व करने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।