मणिपुर के इम्फाल पश्चिम स्थित कaitheलमबी गैरीसन में मुख्यालय 9 सेक्टर असम राइफल्स ने 1 सितंबर 2026 को अपना 80वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर आठ दशकों की समर्पित सेवा, वीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को समर्पित रहा।
यह आयोजन उस मुख्यालय की स्थापना के आठ दशक पूरे होने का प्रतीक था, जिसकी शुरुआत 1947 में नागालैंड के तुएनसांग में हुई थी। वर्षों के दौरान यह गठन भारत की सीमाओं की सुरक्षा और पूर्वोत्तर में सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने में असम राइफल्स की स्थायी भूमिका से जुड़ा रहा है।
स्थापना दिवस समारोह में बल की सैन्य परंपराओं और मूल्यों की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र मंदिर परेड से हुई, जिसमें सेवारत कर्मियों ने आशीर्वाद प्राप्त किया और कर्तव्य, अनुशासन तथा सेवा के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके बाद सेक्टर युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन कर्मियों को नमन किया गया जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह समारोह गठन के इतिहास को आकार देने वाली साहस और समर्पण की भावना की भी याद दिलाता रहा।
युद्ध स्मारक पर आयोजित यह कार्यक्रम असम राइफल्स द्वारा अपने शहीद कर्मियों की स्मृति को दिए जाने वाले महत्व को भी दर्शाता है। उनके बलिदान से सेवारत जवानों को निरंतर प्रेरणा मिलती है और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखने की परंपरा मजबूत होती है।
समारोह में एक संवादात्मक सैनिक सम्मेलन भी शामिल था, जिसमें कर्मियों को सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करने और गठन की उपलब्धियों, जिम्मेदारियों तथा भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर मिला। ऐसे संवाद नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं, जो संचार, एकजुटता और साझा उद्देश्य की भावना को मजबूत करते हैं।
सैनिक सम्मेलन में पूर्वोत्तर की बदलती सुरक्षा स्थिति के बीच उच्च व्यावसायिक मानकों और तत्परता बनाए रखने के महत्व पर भी बल दिया गया। कर्मियों को गठन की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और उन समुदायों के कल्याण की याद दिलाई गई, जिन क्षेत्रों में यह कार्यरत है।
समारोह का समापन पारंपरिक बड़ा खाना के साथ हुआ, जो एक पुरानी सैन्य परंपरा है और कर्मियों को अनौपचारिक वातावरण में एक साथ लाकर आपसी सौहार्द और रेजिमेंटल भावना को मजबूत करती है। इस बैठक ने अधिकारियों और जवानों को मिलकर इस उपलब्धि का उत्सव मनाने का अवसर दिया।
80वां स्थापना दिवस केवल आठ दशकों के बीतने का स्मरण नहीं था, बल्कि उन मूल्यों की पुनर्पुष्टि भी था जिन्होंने गठन का मार्गदर्शन किया है। यह अवसर स्मृति, सैन्य परंपरा, भाईचारे और सेवा के नए संकल्प से जुड़ा रहा।
असम राइफल्स, जो भारत के सबसे पुराने अर्धसैनिक बलों में से एक है, ने ऐतिहासिक रूप से सीमांत सुरक्षा और पूर्वोत्तर में आतंकवाद-रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके कर्मियों ने देश के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण भूभागों में कार्य किया है और क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता में योगदान देते रहे हैं।
मुख्यालय 9 सेक्टर असम राइफल्स के लिए यह उपलब्धि दशकों की सेवा, बलिदान और परिचालन प्रतिबद्धता से बनी विरासत का प्रतीक है। 1947 में तुएनसांग से शुरू हुई इसकी यात्रा से लेकर मणिपुर और व्यापक पूर्वोत्तर में इसकी वर्तमान जिम्मेदारियों तक, यह गठन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में असम राइफल्स के योगदान की व्यापक कहानी को दर्शाता है।
आठ दशकों की सेवा का यह अवसर पूर्ववर्तियों के प्रति श्रद्धांजलि और आगे आने वाली जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला भी रहा। इस पूरे आयोजन का केंद्र राष्ट्र के प्रति अडिग समर्पण, भारत की सीमाओं की रक्षा और पूर्वोत्तर की जनता की सेवा रहा।