रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, आईएएस ने लखनऊ में लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सुर्या कमांड से मुलाकात की और कमांड की कार्यात्मक तैयारी, रसद क्षमता तथा समग्र रणनीतिक तत्परता की समीक्षा की।
बैठक के दौरान रक्षा सचिव को कमांड की निरंतर युद्ध तत्परता बनाए रखने, मजबूत रसद सहायता सुनिश्चित करने और उभरती कार्यात्मक चुनौतियों का त्वरित तथा प्रभावी ढंग से सामना करने की क्षमता के बारे में जानकारी दी गई।
इस ब्रीफिंग में सुर्या कमांड द्वारा अपनाए गए एकीकृत दृष्टिकोण पर जोर दिया गया, जिसमें कार्यात्मक तैयारी, बलों की सततता और रसद लचीलापन शामिल था। इस बात पर विशेष बल दिया गया कि संरचनाएं और इकाइयां विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में अभियानों को जारी रखने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार रहें।
चर्चा में यह भी रेखांकित किया गया कि कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए लचीली रसद व्यवस्था और प्रभावी संसाधन प्रबंधन कितने महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से लंबे या तेजी से बदलते कार्यात्मक हालात में मजबूत रसद सहायता निरंतर सैन्य तत्परता का अहम हिस्सा बनी रहती है।
श्री राजेश कुमार सिंह को कमांड की तैयारी को मजबूत करने और उभरती जरूरतों पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी गई। तत्परता, अनुकूलनशीलता और सतत समर्थन पर यह जोर आधुनिक सैन्य अभियानों की बदलती आवश्यकताओं को दर्शाता है।
इस बातचीत ने सुर्या कमांड के उच्च स्तर की कार्यात्मक तैयारी बनाए रखने के साथ-साथ आवश्यक रसद और सहायता प्रणालियों की मजबूती तथा निरंतरता सुनिश्चित करने पर उसके फोकस को फिर से पुष्ट किया।
इस दौरे ने रक्षा मंत्रालय और क्षेत्रीय संरचनाओं के बीच समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया, ताकि बलों की तैयारी, सतत क्षमता और भारतीय सेना की विभिन्न संभावित परिस्थितियों में मिशन-तैयार रहने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।