लैफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह को जम्मू और कश्मीर के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फॉर्मेशन, चिनार कोर का नए जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) के रूप में नियुक्त किया गया है। वे 1 मई 2026 से अपना कार्यभार संभालेंगे।
कश्मीर ऑपरेशनों के लिए अनुभवी हाथ
लैफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह व्यापक अनुभव लेकर आए हैं:
- आतंकवाद के खिलाफ और विद्रोह को नियंत्रित करने के लिए ऑपरेशनों में
- कश्मीर घाटी में परिचालन नेतृत्व
- राष्ट्रीय राइफल्स फॉर्मेशनों में कमांड की भूमिकाएं
उन्होंने पहले निम्नलिखित पदों पर कार्य किया है:
- मेजर जनरल जनरल स्टाफ (MGGS), नॉर्दर्न कमांड
- जीओसी काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (विक्टर फोर्स) दक्षिण कश्मीर में
- 1 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडर
चिनार कोर की रणनीतिक महत्व
श्रीनगर में मुख्यालय स्थित, चिनार कोर निम्नलिखित के लिए जिम्मेदार है:
- कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) की रक्षा करना
- आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के विरुद्ध अभियानों का संचालन करना
- घाटी में स्थिरता बनाए रखना
नेतृत्व परिवर्तन
लैफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव का स्थान लेंगे, जिन्हें नई दिल्ली में आर्मी मुख्यालय में क्वार्टर मास्टर जनरल (QMG) के रूप में नियुक्त किया गया है।
पूर्व कमांडर का कार्यकाल
लैफ्टिनेंट जनरल श्रीवास्तव का कोर कमांडर के रूप में कार्यकाल प्रमुख तरीके से प्रभावित था:
- प्रमुख आतंकवाद निरोधक अभियानों जैसे ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव द्वारा
- सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय
- क्षेत्र में स्थिरता और नागरिक-मिलिट्री संलग्नता पर ध्यान केंद्रित करना
संचालनात्मक नेतृत्व को मजबूत करना
यह नियुक्तियां भारतीय सेना के उस जोर को दर्शाती हैं:
- संवेदनशील ऑपरेशनल क्षेत्रों में अनुभवी नेतृत्व पर
- वरिष्ठ अधिकारियों के लिए रोटेशनल कमांड
- आतंकवाद निरोधक अभियानों और क्षेत्रीय स्थिरता पर निरंतर ध्यान