रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, तमिलनाडु ने डीआरओएनए 2.0 लॉन्च किया है, जो बहु-प्रारूपीय जनरेटिव एआई मंच है और पेशेवर सैन्य शिक्षा में स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस प्रणाली का औपचारिक उद्घाटन 18 अगस्त 2026 को रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी ने सरवम एआई के सह-संस्थापक डॉ विवेक राघवन की उपस्थिति में किया।
लॉन्च के साथ ही रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और सरवम एआई के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता डीआरओएनए जीपीटी और उससे जुड़ी एआई आधारित अनुप्रयोगों के आगे विकास में निरंतर सहयोग के लिए किया गया है।
डीआरओएनए 1.0 से बहु-प्रारूपीय क्षमता तक
डीआरओएनए, जिसका पूरा नाम रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज संसाधन अनुकूलन तंत्रिका एआई है, पहली बार जून 2025 में स्वदेशी रूप से विकसित अनुकूलित जीपीटी के रूप में पेश किया गया था। संस्करण 1.0 को रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और भारतीय नौसेना के शस्त्र इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली अभियांत्रिकी प्रतिष्ठान ने संयुक्त रूप से विकसित किया था और इसे 16 जून 2025 को रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के वाइड एरिया नेटवर्क पर लॉन्च किया गया था।
इस प्रणाली को संकाय और छात्र अधिकारियों को संस्थान के शैक्षणिक भंडार तक तेज और बुद्धिमान पहुंच देने तथा रक्षा, रणनीति और नेतृत्व से जुड़े शोध को समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। डीआरओएनए 2.0 इसी आधार पर आगे बढ़ते हुए बहु-प्रारूपीय क्षमताओं और स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल ढांचे को शामिल करता है।
मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के अनुसार यह उन्नयन प्रशिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शामिल करने और संप्रभु प्रौद्योगिकी समाधानों को प्राथमिकता देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
मुख्य तकनीक और विशेषताएं
डीआरओएनए 2.0 के केंद्र में सरवम एआई के सरवम 105बी बड़े भाषा मॉडल और मुक्त स्रोत मॉडलों का एकीकरण है। सरवम 105बी एक मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स मॉडल है, जिसे भारतएआई मिशन के तहत संप्रभु एआई की दिशा में भारत के प्रयासों के हिस्से के रूप में विकसित किया गया है। यह प्रणाली रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के सुरक्षित नेटवर्क के भीतर एक अत्याधुनिक ग्राफिक्स प्रसंस्करण इकाई सर्वर पर चलती है।
मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मंच बहु-प्रारूपीय उपकरणों का एक व्यापक समूह उपलब्ध कराता है। इनमें उन्नत तर्क और दस्तावेज विश्लेषण, चित्र पहचान और निर्माण, वाक्य से पाठ तथा पाठ से वाक्य रूपांतरण, स्वचालित अनुवाद और लिप्यंतरण, पॉडकास्ट और प्रस्तुति निर्माण, तथा डेटा विश्लेषण के उपकरण शामिल हैं।
मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ ने कहा है कि डीआरओएनए 2.0 भारतीय सशस्त्र बलों में अपनी तरह का पहला बहु-प्रारूपीय जीपीटी है। तैनाती से पहले इस अनुप्रयोग की व्यापक सुरक्षा जांच की गई और इसे मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ तथा रक्षा साइबर एजेंसी से औपचारिक प्रमाणन प्राप्त हुआ।
मॉडल को रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री के बड़े भंडार पर पूर्व-प्रशिक्षित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष प्रशिक्षण संकाय और छात्रों के लिए सूचना तक पहुंच और रक्षा तथा सामरिक अध्ययन के क्षेत्र में उन्नत अध्ययन और शोध को आगे बढ़ाने में बड़ी सहायता प्रदान करता है।
संस्थानिक और रणनीतिक संदर्भ
नीलगिरि में स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज भारत का प्रमुख त्रि-सेवा स्टाफ कॉलेज है। यह सेना, नौसेना और वायु सेना के मध्य-स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ मित्र विदेशी देशों के अधिकारियों को संयुक्त कार्यप्रणाली, स्टाफ कार्य, रणनीति और उच्च नेतृत्व का प्रशिक्षण देता है। लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी ने सितंबर 2025 में कॉलेज का कार्यभार संभाला था और तब से वे संस्थान की पेशेवर सैन्य शिक्षा को तकनीकी परिवर्तन के अनुरूप ढालने पर ध्यान दे रहे हैं।
स्वदेशी बहु-प्रारूपीय एआई प्रणाली को अपनाना भारतीय सशस्त्र बलों के महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता पर व्यापक जोर के अनुरूप है। प्रणाली को सुरक्षित आंतरिक ग्राफिक्स प्रसंस्करण इकाई सर्वर पर होस्ट करने और कठोर साइबर प्रमाणन से गुजरने के कारण रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज ने डेटा सुरक्षा और संचालनात्मक संप्रभुता को प्राथमिकता दी है, जो संवेदनशील शैक्षणिक और रणनीतिक सामग्री के साथ काम करते समय अहम मानी जाती है।
सरवम एआई की सह-स्थापना विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार ने की थी। कंपनी ने अपने 105बी मॉडल को भारतीय भाषाओं और संदर्भों पर विशेष जोर के साथ प्रशिक्षित एक सक्षम तर्क और एजेंटिक प्रणाली के रूप में प्रस्तुत किया है। रक्षा शिक्षा से जुड़े इस उपयोग के लिए इसका चयन भारतीय एआई स्टार्टअप्स और सैन्य प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।
पेशेवर सैन्य शिक्षा पर प्रभाव
डीआरओएनए 2.0 को केवल एक चैटबॉट के रूप में नहीं, बल्कि उससे आगे की प्रणाली के रूप में तैयार किया गया है। इसकी बहु-प्रारूपीय क्षमताएं, विशेष रूप से दस्तावेज विश्लेषण, चित्र निर्माण, वाक्य उपकरण और स्वचालित प्रस्तुति तथा पॉडकास्ट निर्माण, शैक्षणिक और शोध कार्यप्रवाह की एक विस्तृत श्रृंखला में सहायता कर सकती हैं।
संकाय और छात्र अधिकारी इसका उपयोग त्वरित साहित्य संकलन, परिदृश्य विश्लेषण, सामग्री के बहुभाषी अनुवाद और शिक्षण सामग्री के निर्माण के लिए कर सकते हैं। विषय-विशेष ज्ञान आधार और शक्तिशाली स्वदेशी आधार मॉडल के संयोजन से यह प्रणाली सूचना तक पहुंच में बाधा कम करने के साथ-साथ डेटा और मॉडल वातावरण पर संस्थागत नियंत्रण बनाए रखने का लक्ष्य रखती है।
सरवम एआई के साथ समझौता ज्ञापन यह संकेत देता है कि आगे भी इसमें सुधार किया जाएगा और संभव है कि वर्तमान स्टाफ कोर्स वातावरण से परे अनुप्रयोगों का दायरा बढ़ाया जाए। इस बीच, डीआरओएनए 2.0 फिलहाल रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के संकाय और छात्र अधिकारियों के उपयोग के लिए कॉलेज के सुरक्षित नेटवर्क पर उपलब्ध है।
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब विश्व भर के पेशेवर सैन्य शिक्षा संस्थान जनरेटिव एआई के प्रयोग कर रहे हैं। रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज का यह तरीका, जिसमें 2025 में एक अनुकूलित जीपीटी से शुरुआत कर प्रमाणित बहु-प्रारूपीय प्रणाली तक पहुंच बनाई गई है, क्षमता और संप्रभुता दोनों को प्राथमिकता देने वाली एक सुविचारित और सुरक्षा-सचेत दिशा को दर्शाता है।