भारतीय सेना ने जयपुर हवाई अड्डे पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए दो सप्ताह का त्वरित प्रतिक्रिया दल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य उनकी कार्यात्मक तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना था।
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम जयपुर स्थित 322 पैदल सेना ब्रिगेड मुख्यालय में आयोजित किया गया। इसमें भाग लेने वाले सीआईएसएफ कर्मियों को भारतीय सेना के जवानों के मार्गदर्शन में त्वरित प्रतिक्रिया दल से जुड़ा केंद्रित प्रशिक्षण दिया गया।
त्वरित प्रतिक्रिया दल कार्यक्रम के साथ-साथ सीआईएसएफ कर्मियों को विशेष ड्रोन प्रशिक्षण भी दिया गया। इस प्रशिक्षण में उन्हें ड्रोन संचालन और उससे जुड़े पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव मिला, जिससे सुरक्षा अभियानों में उपयोगी उभरती तकनीकों की उनकी समझ बढ़ी।
कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षा स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक कौशल और तैयारी को बेहतर बनाना था। साथ ही, इससे भारतीय सेना और सीआईएसएफ के बीच समन्वय तथा व्यावसायिक सहयोग को भी मजबूती मिली।
दो सप्ताह के इस कार्यक्रम के समापन के बाद एक समापन समारोह भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्रिगेडियर प्रांजल भार्गव, लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील पटेल और जयपुर हवाई अड्डे के कमांडेंट तथा मुख्य हवाई अड्डा सुरक्षा अधिकारी नवीन भगत उपस्थित थे।
यह संयुक्त प्रशिक्षण पहल महत्वपूर्ण ढांचे की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार कर्मियों की क्षमताओं को बढ़ाने में भारतीय सेना और सीआईएसएफ के निरंतर सहयोग को दर्शाती है।
जयपुर हवाई अड्डे के सीआईएसएफ कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया दल और ड्रोन प्रशिक्षण में भागीदारी से उनकी कार्यात्मक तैयारी में सुधार और बदलती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।