ब्रिगेडियर आर शंकर, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सब एरिया (COSA) के कमांडर, ने सैन्य-नागरिक सहयोग को मजबूत करने और सेवारत कर्मियों, अग्निवीरों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण उपायों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) हेमंत शर्मा, आईएएस, से मुलाकात की।
बैठक में भारतीय सेना और ओडिशा सरकार के बीच समन्वय से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और कल्याणकारी मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से सैन्य सेवा पूरी करने के बाद कर्मियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर जोर दिया गया।
मुलाकात के दौरान अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण के अवसर भी एक प्रमुख विषय रहा। दोनों पक्षों ने ऐसे उपायों पर विचार-विमर्श किया, जिनसे सशस्त्र बलों में कार्यकाल पूरा होने के बाद अग्निवीरों को उपयुक्त रोजगार के अवसर मिल सकें।
पूर्व सैनिकों के लिए सेवानिवृत्ति बाद लाभ और रोजगार के रास्तों पर भी चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि सैन्य सेवा से नागरिक जीवन में आने वाले पूर्व कर्मियों को सहारा देने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
बैठक में सेना और राज्य प्रशासन से जुड़े भूमि तथा अवसंरचना संबंधी मामलों पर भी चर्चा की गई। ऐसे विषयों के समाधान के लिए सैन्य संरचनाओं और नागरिक अधिकारियों के बीच निरंतर समन्वय की आवश्यकता बताई गई।
चर्चा का एक अन्य महत्वपूर्ण विषय राज्य युद्ध पुस्तिका का संशोधन और राज्य सैनिक बोर्ड के साथ समन्वय को मजबूत करने के उपाय रहे। राज्य सैनिक बोर्ड राज्य स्तर पर भूतपूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रितों के कल्याण से जुड़ी पहलों के समन्वय में अहम भूमिका निभाता है।
यह मुलाकात भारतीय सेना और ओडिशा की नागरिक प्रशासनिक व्यवस्था के बीच उन मुद्दों पर जारी सहभागिता को दर्शाती है, जो सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को प्रभावित करते हैं।
ब्रिगेडियर आर शंकर और राज्य प्रशासन ने पूर्व सैनिक कल्याण, संस्थागत समन्वय को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक मामलों के प्रभावी समाधान के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
यह संवाद सैन्य-नागरिक सहयोग की व्यापक भूमिका को भी रेखांकित करता है, जो सेवारत कर्मियों और पूर्व सैनिकों को सहायता देने के साथ-साथ समन्वित शासन और राष्ट्र-निर्माण में योगदान करता है।