वरिष्ठ पत्रकार और लेखक शेखर गुप्ता ने आर्मी वॉर कॉलेज, महू में जारी हायर कमांड कोर्स के अधिकारियों के लिए “सूचना और संज्ञानात्मक युद्ध: भारत के लिए निहितार्थ और आगे की राह” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।
व्याख्यान में सूचना युद्ध, मनोवैज्ञानिक अभियानों और आधुनिक संघर्षों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को आकार देने में उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए शेखर गुप्ता ने बताया कि युद्ध की प्रकृति अब पारंपरिक सैन्य अभियानों से आगे बढ़कर तेजी से बदल रही है, जिसमें सूचना और संज्ञानात्मक क्षेत्र धारणाओं, निर्णय-प्रक्रिया और रणनीतिक परिणामों को प्रभावित करने में अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
उन्होंने सूचना के हथियारीकरण और उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग से मानव व्यवहार, जनमत और संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने से जुड़ी उभरती चुनौतियों पर भी बल दिया।
चर्चा में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर इन विकासों के प्रभावों की भी समीक्षा की गई, विशेषकर ऐसे समय में जब डिजिटल मंच, तेजी से विकसित होती प्रौद्योगिकियाँ और सूचना नेटवर्क रणनीतिक परिवेश को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गुप्ता ने कहा कि दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सूचना-सक्षम, प्रौद्योगिकी-समर्थ और डिजिटल रूप से सशक्त राष्ट्र का निर्माण आवश्यक है।
यह व्याख्यान अधिकारियों को डिजिटल दक्षता, सूचना जागरूकता और संज्ञानात्मक युद्ध को समकालीन सैन्य रणनीति के एक महत्वपूर्ण आयाम के रूप में समझने पर नई दृष्टि प्रदान करने वाला रहा।
यह संवाद हायर कमांड कोर्स में भाग ले रहे अधिकारियों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक था, जो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को अधिक जिम्मेदार कमान, परिचालन योजना और रणनीतिक नेतृत्व दायित्वों के लिए तैयार करता है।
मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज भारतीय सेना के प्रमुख व्यावसायिक सैन्य शिक्षा संस्थानों में से एक है, जो सैन्य नेतृत्व के विकास और अधिकारियों की परिचालन तथा रणनीतिक समझ को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है।
यह सत्र भारतीय सेना के इस निरंतर जोर को भी दर्शाता है कि भविष्य के सैन्य नेताओं को तकनीकी प्रगति, सूचना के हेरफेर और आधुनिक संघर्षों में संज्ञानात्मक युद्ध के बढ़ते प्रभाव सहित उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाए।