लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, एवीएसएम, वीएसएम, सेना कमांडर, दक्षिणी कमान ने राजस्थान के नसीराबाद सैन्य स्टेशन में तैनात संरचनाओं और इकाइयों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परिचालन तैयारियों और क्षमता विकास से जुड़ी चल रही पहलों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान सेना कमांडर को युद्ध तैयारियों को और मजबूत करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी गई। इसमें अगली पीढ़ी के प्रशिक्षण और युक्तियों, तकनीकों तथा प्रक्रियाओं के परिष्करण पर विशेष जोर दिया गया।
इन पहलों का उद्देश्य सैनिकों को बदलते सुरक्षा परिवेश में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करना है। साथ ही उभरती प्रौद्योगिकियों और समकालीन संचालन संबंधी अवधारणाओं का उपयोग कर युद्धक्षेत्र की प्रभावशीलता बढ़ाने पर भी बल दिया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने भैरव बटालियन, जिसे “देज़र्ट फाल्कन्स” के नाम से जाना जाता है, का भी दौरा किया। उन्होंने इस बटालियन की परिचालन क्षमताओं और तैयारियों की समीक्षा की।
बटालियन की “प्रौद्योगिकी-सक्षम, चुस्त और घातक” पहचान में प्रौद्योगिकी, सटीकता और युद्ध तैयारी के समन्वय पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कठिन भूभाग और चुनौतीपूर्ण संचालन परिस्थितियों में सैनिकों को निर्णायक कार्रवाई के लिए सक्षम बनाना है।
इस दौरे ने दक्षिणी कमान के प्रौद्योगिकी-आधारित क्षमता संवर्धन, यथार्थपरक प्रशिक्षण और संचालन प्रक्रियाओं के सतत परिष्करण पर केंद्रित रुख को रेखांकित किया। इसका मकसद उभरती युद्धक्षेत्र चुनौतियों का सामना करना है।
संरचनाओं और इकाइयों की उच्च स्तरीय परिचालन तैयारी बनाए रखने के लिए सराहना करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने सभी रैंकों से शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से दृढ़ और परिचालन रूप से चुस्त रहने का आह्वान किया।
उन्होंने सैनिकों को उभरती चुनौतियों पर त्वरित और निर्णायक प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने पेशेवराना रवैया, आत्मविश्वास और युद्ध तैयारी की उच्च स्थिति बनाए रखने की आवश्यकता भी रेखांकित की।