लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन, पूर्वी कमान के आर्मी कमांडर, ने मणिपुर में असम राइफल्स के गठन का दौरा किया और इस दौरान अधिकारियों तथा सैनिकों से संवाद किया।
अपने संवाद के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने सभी रैंकों की समर्पण भावना, पेशेवर दक्षता और परिचालन तैयारियों को बनाए रखने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
आर्मी कमांडर ने असम राइफल्स के गठन में तैनात कर्मियों से मुलाकात कर उनके कर्तव्यों के निर्वहन में किए जा रहे प्रयासों और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों द्वारा प्रदर्शित समर्पण तथा पेशेवर मानकों को बनाए रखने के प्रयासों को भी सराहा।
लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने सभी रैंकों की परिचालन तैयारियों को बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। यह संवाद कर्मियों के प्रयासों और उनकी निरंतर जिम्मेदारी-भावना को स्वीकार करने पर केंद्रित रहा।
मणिपुर में असम राइफल्स के गठन के दौरे ने आर्मी कमांडर को अधिकारियों और सैनिकों से सीधे संवाद का अवसर दिया। इस दौरान उन्होंने उनकी पेशेवर दक्षता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए परिचालन तैयारियों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को सराहा।
आर्मी कमांडर ने अपने संवाद के माध्यम से परिचालन तैयारियों और पेशेवर मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। कर्मियों के प्रति उनकी सराहना ने मणिपुर में असम राइफल्स के गठन में सेवा दे रहे अधिकारियों और सैनिकों के समर्पण तथा प्रतिबद्धता को मान्यता दी।
पूर्वी सेना कमांडर की यह यात्रा मणिपुर में तैनात सभी रैंकों के योगदान को स्वीकार करने का भी अवसर बनी। उन्होंने कर्मियों की पेशेवर दक्षता और अपने दायित्वों को निभाने के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
असम राइफल्स के गठन का यह दौरा अधिकारियों और सैनिकों के साथ उनके संवाद का हिस्सा था। लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने इस मौके पर सभी रैंकों के समर्पण और पेशेवरता की सराहना की।
परिचालन तैयारियां इस संवाद का एक प्रमुख पक्ष रहीं। लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने अधिकारियों और सैनिकों की आवश्यक तैयारियों के स्तर को बनाए रखने की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।
मणिपुर में असम राइफल्स के गठन के अपने दौरे के समापन पर लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने सभी रैंकों की समर्पण भावना, पेशेवर दक्षता और परिचालन तैयारियों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
यह दौरा परिचालन तैयारियों को बनाए रखने पर बल देने के साथ-साथ मणिपुर में असम राइफल्स के गठन में सेवा दे रहे अधिकारियों और सैनिकों के समर्पण तथा पेशेवर प्रतिबद्धता को मान्यता देने को भी दर्शाता है।