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Home - डिफेन्स न्यूज़ - महावीर सिंह से मिलिए: 12 बार एसएसबी में असफलता के बाद भी गरुड़ कमांडो ने दो बार आरएएस पास की

डिफेन्स न्यूज़

महावीर सिंह से मिलिए: 12 बार एसएसबी में असफलता के बाद भी गरुड़ कमांडो ने दो बार आरएएस पास की

SSBCrack News Desk
Last updated: सितम्बर 10, 2026 6:18 अपराह्न
SSBCrack News Desk
Published: सितम्बर 10, 2026
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Meet Mahaveer Singh: Garud Commando Who Cleared RAS Twice After 12 Failed SSB Attempts

राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना गारुड कमांडो महावीर सिंह ने अपनी दूसरी पारी में प्रेरणादायक सफलता दर्ज की है। लगभग दो दशक तक सशस्त्र बलों में सेवा देने के बाद उन्होंने लगातार दो चक्रों में राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास की।

Contents
  • बारहवीं के बाद भारतीय वायु सेना में हुए भर्ती
  • अधिकारी बनने के लिए 12 बार किया प्रयास
  • वर्दी में रहते हुए ही तैयारी शुरू की
  • आरएएस 2023 में सफलता, बना राज्य कर विभाग में सहायक आयुक्त
  • आरएएस 2024 में पूर्व सैनिक श्रेणी में पांचवां स्थान
  • सेवानिवृत्ति के बाद मिली निराशाजनक टिप्पणियों को बनाया प्रेरणा
  • गारुड कमांडो से राजस्थान सिविल सेवा तक

उनकी यह यात्रा इसलिए और भी उल्लेखनीय मानी जा रही है, क्योंकि नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग प्राप्त अधिकारी बनने के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने सेवा चयन बोर्ड के 12 प्रयास किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।

आज पूर्व गारुड कमांडो राजस्थान के राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग में सहायक आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। आरएएस 2023 पास करने के बाद उन्हें यह पद मिला था। इसके बाद उन्होंने आरएएस 2024 में भी परीक्षा दी और पूर्व सैनिक श्रेणी में पांचवां स्थान हासिल किया, जबकि रिपोर्टों के अनुसार उन्हें राजस्थान पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक का पद आवंटित किया गया।

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बारहवीं के बाद भारतीय वायु सेना में हुए भर्ती

महावीर सिंह ने 2002 में बारहवीं कक्षा पास की और उसी वर्ष भारतीय वायु सेना में शामिल हो गए। इसके साथ ही उनका सैन्य करियर शुरू हुआ, जो लगभग दो दशकों तक चला।

सेवा के दौरान वे गारुड कमांडो फोर्स का हिस्सा बने। यह भारतीय वायु सेना की विशेषीकृत टुकड़ी है, जिसे कठिन सुरक्षा और युद्धक अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

उनके करियर से जुड़ी रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना तैनाती पर लगभग 14 महीने सेवा दी। एक अन्य विवरण के अनुसार, उन्होंने 2018 की भीषण केरल बाढ़ के दौरान हेलीकॉप्टर आधारित बचाव अभियानों में भी भाग लिया।

लगभग 20 साल की वर्दी सेवा के बाद सिंह 31 दिसंबर 2022 को भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए। एक रिपोर्ट में उनके प्रस्थान को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बताया गया है।

अधिकारी बनने के लिए 12 बार किया प्रयास

भारतीय वायु सेना में सेवा देते हुए भी सिंह का लक्ष्य आयोग प्राप्त अधिकारी बनना बना रहा। नवभारत टाइम्स के अनुसार, उन्होंने सेवा चयन बोर्ड की परीक्षा 12 बार दी, लेकिन अनुशंसा हासिल नहीं कर सके।

रिपोर्ट में 2011, 2012, 2013 और 2014 के प्रयासों का उल्लेख है। इनमें एएफसीएटी और सेवा-प्रवेश कमीशनिंग जैसे मार्ग शामिल थे।

12 प्रयासों का यह आंकड़ा नवभारत टाइम्स के विवरण पर आधारित बताया गया है और इसे आधिकारिक एसएसबी रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। आरएएस में उनकी सफलता पर आई अन्य रिपोर्टों में इस हिस्से का उल्लेख नहीं किया गया है।

लगातार असफलताओं के बावजूद सिंह भारतीय वायु सेना में सेवा करते रहे और अंततः उन्होंने अपने लक्ष्य को सिविल सेवा की दिशा में मोड़ दिया।

वर्दी में रहते हुए ही तैयारी शुरू की

सिंह ने अपनी अगली पारी की तैयारी सेवानिवृत्ति के बाद शुरू नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 2020 में ही भारतीय वायु सेना में सेवा करते हुए ऑनलाइन कक्षाएं लेना शुरू कर दिया था।

2022 के अंत में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने जनवरी 2023 से पूर्णकालिक तैयारी शुरू की। लगभग दो दशक बाद पढ़ाई में लौटना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

एक विवरण के अनुसार, उन्होंने फिर से बुनियादी विषयों पर ध्यान दिया और अवधारणाओं को दोबारा समझने के लिए अपनी बेटी की छठी कक्षा की किताबें भी पढ़ीं। उनकी तैयारी का कार्यक्रम बेहद कठोर था।

रिपोर्टों के मुताबिक, वे सुबह लगभग 7 बजे पुस्तकालय पहुंचते थे और रात 9 या 10 बजे तक पढ़ाई करते थे। परीक्षा माध्यम के रूप में उन्होंने अंग्रेजी चुनी और स्कूल की पुस्तकों, मानक संदर्भ सामग्री, सरकारी प्रकाशनों तथा समसामयिक स्रोतों का सहारा लिया।

समाजशास्त्र के लिए उनकी तैयारी में एनसीईआरटी, एनआईओएस और इग्नू की सामग्री शामिल रही। राजस्थान से संबंधित विषयों के लिए उन्होंने स्कूल स्तर की राजस्थान अध्ययन पुस्तकों के साथ राज्य के इतिहास और संस्कृति पर आधारित संदर्भ सामग्री का उपयोग किया।

आरएएस 2023 में सफलता, बना राज्य कर विभाग में सहायक आयुक्त

उनकी गहन तैयारी का परिणाम जल्द सामने आया। महावीर सिंह ने आरएएस 2023 पास किया और उन्हें राजस्थान के राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग में सहायक आयुक्त पद आवंटित किया गया।

लगभग 20 साल की सैन्य सेवा के बाद और सेवानिवृत्ति के बाद पूर्णकालिक अध्ययन करते हुए राज्य की अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक पास करना उनके लिए एक बड़ी पेशेवर परिवर्तन यात्रा थी। इसके बावजूद सिंह ने एक बार फिर परीक्षा देने का निर्णय लिया।

आरएएस 2024 में पूर्व सैनिक श्रेणी में पांचवां स्थान

इसके बाद सिंह ने आरएएस 2024 भी पास किया और पूर्व सैनिक श्रेणी में पांचवां स्थान प्राप्त किया। परिणाम के बाद आई रिपोर्टों में कहा गया कि उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राजस्थान पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए चुना गया।

महत्वपूर्ण यह है कि उनका पांचवां स्थान समग्र आरएएस 2024 मेरिट सूची में नहीं, बल्कि पूर्व सैनिक श्रेणी में था। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आरएएस 2024 का अंतिम परिणाम 18 अप्रैल 2026 को घोषित किया।

इन दो लगातार सफलताओं का अर्थ यह था कि भारतीय वायु सेना छोड़ने के कुछ ही समय बाद सिंह ने पहले राज्य जीएसटी में सहायक आयुक्त के रूप में और फिर पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए रिपोर्टेड आवंटन के रूप में सफलता हासिल कर ली।

सेवानिवृत्ति के बाद मिली निराशाजनक टिप्पणियों को बनाया प्रेरणा

नागरिक जीवन में उनका संक्रमण आसान नहीं था। नवभारत टाइम्स के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि उन्हें अंततः सुरक्षा गार्ड का काम करना पड़ सकता है।

लेकिन उन्होंने किताबों और प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर वापसी की। पूर्व गारुड कमांडो ने अपनी पिछली असफलताओं को इस सोच के साथ लिया कि असफल प्रयास के बाद व्यक्ति को रास्ता बदलना चाहिए, लक्ष्य नहीं छोड़ना चाहिए।

कठिन तैयारी के दौर में उन्हें रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी से भी प्रेरणा मिलती रही, ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।

गारुड कमांडो से राजस्थान सिविल सेवा तक

महावीर सिंह का करियर अब अलग-अलग चरणों से होकर गुजरा है। उन्होंने 2002 में बारहवीं के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना ज्वाइन की, लगभग दो दशक तक सेवा दी, गारुड कमांडो बने, कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना दायित्व निभाया और केरल बाढ़ के दौरान बचाव अभियानों में भाग लेने की भी रिपोर्ट है।

इस दौरान सेवा चयन बोर्ड के जरिए कमीशन हासिल करने के उनके 12 कथित प्रयासों में सफलता नहीं मिली। लेकिन उन असफलताओं ने उनके बड़े लक्ष्य को समाप्त नहीं किया।

31 दिसंबर 2022 को भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने फिर से गहन अध्ययन शुरू किया, आरएएस 2023 पास कर राज्य जीएसटी में सहायक आयुक्त बने और फिर आरएएस 2024 में पूर्व सैनिकों के बीच पांचवां स्थान तथा पुलिस उपाधीक्षक पद का रिपोर्टेड आवंटन हासिल किया।

उनकी यह यात्रा रक्षा क्षेत्र के अभ्यर्थियों और प्रतियोगी परीक्षा देने वालों के लिए यह संदेश देती है कि किसी एक चयन प्रक्रिया में असफलता यह तय नहीं करती कि करियर का अंत कहां होगा। महावीर सिंह के लिए 12 कथित एसएसबी असफलताएं अंतिम अध्याय नहीं बनीं, बल्कि भारतीय वायु सेना के गारुड कमांडो से राजस्थान की दो लगातार सिविल सेवा सफलताओं तक पहुंचने वाली एक लंबी यात्रा का हिस्सा बन गईं।

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SSBCrack की संपादकीय टीम में अनुभवी पत्रकार, पेशेवर कंटेंट लेखक और समर्पित रक्षा अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्हें सैन्य मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति का गहरा ज्ञान है।
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