पुणे में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला में शुक्रवार सुबह एक 17 वर्षीय प्रथम-वर्षीय कैडेट की चिकित्सकीय आपात स्थिति के बाद मृत्यु हो गई। यह घटना अकादमी में शामिल होने के बाद उसकी पहली आधिकारिक शारीरिक प्रशिक्षण परेड के दौरान हुई।
मृतक की पहचान कानपुर, उत्तर प्रदेश के कैडेट अभिनव बाजपेयी के रूप में हुई है। उन्होंने 24 जून 2026 को इस त्रि-सेवा अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में प्रवेश लिया था, और घटना से लगभग दो सप्ताह पहले ही वहां पहुंचे थे।
घटना का क्रम
पुणे स्थित रक्षा जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान और रक्षा मंत्रालय द्वारा इसकी पुष्टि के अनुसार, नियमित सुबह की शारीरिक प्रशिक्षण सत्र के दौरान कैडेट ने असहजता की शिकायत की और अचानक बेहोश हो गया।
उसे तुरंत खड़कवासला सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय दल ने पुनर्जीवन के लिए हर संभव प्रयास किए। लगातार उपचार और बचाने के प्रयासों के बावजूद उसे जीवित नहीं किया जा सका और मृत घोषित कर दिया गया।
अकादमी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैडेट को आपात चिकित्सा के लिए परिसर स्थित सैन्य अस्पताल पहुंचाया, लेकिन व्यापक चिकित्सकीय हस्तक्षेप के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी ने घटना के सही तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (सीओआई) के आदेश दिए हैं। मृत कैडेट के निकटतम परिजनों को सूचना दे दी गई है और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
अकादमी ने अपने बयान में इस कठिन समय में शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
पृष्ठभूमि
खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी भारत की प्रमुख संयुक्त सेवा संस्थान है, जहां भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के लिए अधिकारी कैडेटों को प्रशिक्षण दिया जाता है। शारीरिक प्रशिक्षण यहां के कठिन पाठ्यक्रम का एक मुख्य हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सहनशक्ति, अनुशासन और कार्यक्षमता विकसित करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर 2025 के बाद से अकादमी में कैडेट की यह तीसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले के मामलों में अलग-अलग परिस्थितियां थीं, जिनमें एक घटना तैराकी अभ्यास के दौरान हुई थी। मौजूदा कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी इस मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच करेगी।
जांच जारी
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, जांच जारी है और अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि चिकित्सकीय आपात स्थिति पर तत्काल प्रतिक्रिया के दौरान सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
भारतीय सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से जुड़े लोगों ने उस युवा कैडेट की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसने हाल ही में देश की सेवा की अपनी यात्रा शुरू की थी।
यह एक विकसित होती हुई खबर है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी या रक्षा मंत्रालय से आधिकारिक जानकारी मिलने पर आगे के अपडेट दिए जाएंगे।