लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा, महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट, सेना वायु रक्षा ने द वेलिएंट विंग्स का दौरा कर परिचालन तैयारियों और उभरते हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए स्वदेशी तकनीक आधारित पहलों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्हें गठन की परिचालन क्षमताओं और भारतीय सेना की वायु रक्षा प्रणाली को विकसित होते हवाई खतरों के विरुद्ध मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के एकीकरण की जानकारी दी गई।
लेफ्टिनेंट जनरल डी’कुन्हा ने सेना वायु रक्षा के सैनिकों की अटूट व्यावसायिकता, उच्च मनोबल और युद्ध कौशल की सराहना की। उन्होंने परिचालन तैयारियों की उच्च स्थिति बनाए रखने के उनके संकल्प को भी सराहा।
उन्होंने राष्ट्र के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा में सेना वायु रक्षा कोर की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया और नवाचार, स्वदेशी क्षमता विकास तथा निरंतर तैयारी पर बल दिया। उनके अनुसार, यही तत्व भारत के लिए एक मजबूत, चुस्त और भविष्य के लिए तैयार वायु रक्षा कवच के निर्माण में मदद करेंगे।