चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने रिपब्लिक ऑफ कोरिया के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के उप मंत्री किम II डोंग से मुलाकात की। इस बातचीत का मुख्य फोकस भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया के रक्षा साझेदारी को मजबूत करना रहा।
दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के कई प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे। इनमें रक्षा औद्योगिक सहयोग, क्षमता विकास और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर विचार किया गया। इस बातचीत से रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
रक्षा उत्पादन भी बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल रहा। चर्चा में रक्षा उत्पादन और उससे जुड़े क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया, ताकि भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया के बीच व्यापक रक्षा साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।
दोनों पक्षों ने रसद और समुद्री सुरक्षा पर भी बात की। इन क्षेत्रों में सहयोग को रक्षा सहभागिता बढ़ाने और दोनों देशों के बीच बेहतर अंतर-संचालन क्षमता विकसित करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया।
इस बातचीत में सैन्य आदान-प्रदान भी चर्चा का एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा। दोनों सशस्त्र बलों के बीच निरंतर आदान-प्रदान से पेशेवर संवाद और दोनों रक्षा संस्थानों के बीच बेहतर समझ के अवसर मिलते हैं।
चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों और क्षमता विकास पर सहयोग को भी शामिल किया गया। यह बातचीत समकालीन रक्षा क्षमताओं को सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी के माध्यम से मजबूत करने की दिशा पर केंद्रित रही।
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और किम II डोंग के बीच हुई यह मुलाकात भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया के बीच चर्चा के व्यापक दायरे को सामने लाती है। इसमें रक्षा उद्योग, रक्षा उत्पादन, रसद, समुद्री सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियां और सैन्य आदान-प्रदान जैसे विषय शामिल रहे।
इस बैठक ने भारत और रिपब्लिक ऑफ कोरिया के बीच परस्पर लाभकारी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के संकल्प को भी रेखांकित किया। साथ ही, अंतर-संचालन क्षमता और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।