सेना कमांडर, सप्त शक्ति कमान, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने अग्रिम क्षेत्रों में परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और मौके पर तैनात सैनिकों से बातचीत की।
इस दौरे के दौरान उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों की परिचालन तत्परता की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जवानों की उच्च स्तर की तैयारियों और परिचालन दायित्वों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
सेना कमांडर ने बदलती परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप युद्ध लड़ने की अवधारणाओं को लगातार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मिशन-केंद्रित प्रौद्योगिकी अपनाने की गति बढ़ाने और युद्धक क्षमताओं को और मजबूत करने की भी बात कही।
लेफ्टिनेंट जनरल मल्होत्रा ने प्रौद्योगिकी को परिचालन तैयारियों के साथ जोड़ने तथा उभरती क्षमताओं को मिशन-केंद्रित तरीके से अपनाने के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने सैनिकों से युद्धक क्षमताओं के विकास पर ध्यान बनाए रखने और निर्णायक परिचालन बढ़त को कायम रखने का आह्वान भी किया।
सैनिकों के साथ यह संवाद सेना कमांडर को जमीनी स्तर पर तैयारियों का आकलन करने और अग्रिम क्षेत्रों में सेवा दे रहे कर्मियों के प्रयासों को स्वीकार करने का अवसर बना।
इस यात्रा ने सप्त शक्ति कमान के उस जोर को और स्पष्ट किया, जिसके तहत बल को युद्ध के लिए तैयार, भविष्य के लिए तैयार और मिशन-केंद्रित बनाए रखने के साथ-साथ युद्ध लड़ने की अवधारणाओं, प्रौद्योगिकी अपनाने और युद्धक क्षमताओं को लगातार परिस्थितियों के अनुरूप ढाला जा रहा है।