लुधियाना पुलिस ने 40 वर्षीय सेना के हवलदार को गिरफ्तार किया है। उस पर सहकर्मी की पत्नी ने लगभग चार महीनों तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने और मामले का खुलासा करने पर धमकाने का आरोप लगाया है।
आरोपी की पहचान हवलदार सिंह के रूप में हुई है, जो जमालपुर रोड स्थित जीके एस्टेट का निवासी है। वह 152 सी रेजिमेंट में तैनात था और जगराों पुल के पास सीजी आर्मी कैंप में आवासीय क्वार्टर का प्रभारी था। द ट्रिब्यून ने उसका नाम हवलदार सिंह लिखा है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने उसे 1 अक्टूबर की शाम डिवीजन नंबर 5 के क्षेत्र से गिरफ्तार किया। 2 अक्टूबर को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच सहायक उप-निरीक्षक परमजीत सिंह कर रहे हैं।
शिकायत के अनुसार, 25 वर्षीय महिला अपने बच्चे के साथ लुधियाना के एक सेना आवासीय क्वार्टर में रहती है, जबकि उसका पति, जो भी सेवा में है, कहीं और तैनात है। द ट्रिब्यून ने बताया कि पति जम्मू-कश्मीर में तैनात है और दंपति की चार वर्षीय बेटी है। महिला ने आरोप लगाया कि सिंह ने पहले उसके पति को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी और बाद में उसके पति की गैरमौजूदगी में घरेलू जरूरतों में सहायता करने लगा, जिसके बाद उसके आने-जाने की संख्या बढ़ती गई।
महिला ने पुलिस को बताया कि पहली घटना जून में हुई, जब सिंह कथित तौर पर रात करीब 10.30 बजे नशे की हालत में उसके क्वार्टर में घुसा, उसके साथ बलात्कार किया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि यह सिलसिला करीब चार महीने तक चलता रहा। 28 सितंबर को, जब सिंह का परिवार बाहर था, तो कथित तौर पर उसे कैंप क्षेत्र के भीतर स्थित अपने गेस्ट हाउस ले जाकर फिर बलात्कार किया गया। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विरोध करने पर उसे पति से तलाक दिलवाने की धमकी दी गई।
महिला के अनुसार, बाद में सिंह ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए, जिसके बाद उसने अपने पति को पूरी बात बताई। इसके बाद दंपति 30 सितंबर को पुलिस स्टेशन पहुंचे। 1 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई और उसी शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा है कि आगे की जांच जारी है।
फिलहाल आरोप पुलिस शिकायत और जांच के स्तर पर हैं। सेना या आरोपी की ओर से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है।