बिहार के सारण जिले के बाढ़ प्रभावित परशुरामपुर गांव में शुक्रवार दोपहर भारतीय वायु सेना के राहत-हवाई वितरण के दौरान एक 58 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों और परिवार का कहना है कि सूखे राशन का एक पैकेट उस पर गिरा। पुलिस को इस मामले में अलग-अलग बयान मिले हैं, शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं और मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
मृतक की पहचान अनिल कुमार सिंह, उर्फ अप्पू सिंह, के रूप में हुई है। वह अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर के निवासी थे। अधिकतर आधिकारिक और एजेंसी रिपोर्टों में उनकी उम्र 58 वर्ष बताई गई है, जबकि द टाइम्स ऑफ इंडिया ने उन्हें 62 वर्षीय स्थानीय फेरीवाला बताया है। घटना 2 अक्टूबर 2026 को करीब 3.30 बजे उस राहत शिविर के पास हुई, जहां गंडक बाढ़ से विस्थापित लोग सूखा राशन लेने के लिए जुटे थे।
मढ़ौरा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सविंदर कुमार दास ने कहा कि प्रथम दृष्टया राहत का एक पैकेट हेलीकॉप्टर से गिरकर सिंह के सिर पर लगा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मौत का सही कारण केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल सकेगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा के सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
अमनौर के थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि शव के सिर या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। ग्रामीणों ने भी दो अलग-अलग बातें बताई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि हेलीकॉप्टर से गिरा सामान सिंह पर गिरा, जबकि कुछ का कहना है कि पैकेट पास में गिरे और उन्हें दिल का दौरा पड़ा होगा। पोस्टमार्टम से कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि सिंह ने भोजन कर लिया था और घर के बाहर थे, तभी हेलीकॉप्टर नीचे आया और पैकेट गिराने लगा। उनके अनुसार प्रत्येक पैकेट का वजन करीब 5 किलोग्राम था। परिवार का दावा है कि एक पैकेट उनके सिर पर और दूसरा उनकी छाती पर गिरा, जिसके बाद वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े और मौके पर ही मृत घोषित कर दिए गए। उनके बेटे ने भी यही बात दोहराई है। इससे पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गांव के लोग नीचे उड़ रहे हेलीकॉप्टर के नीचे चलते दिखाई दे रहे हैं।
सारण के जिला मजिस्ट्रेट वैभव श्रीवास्तव ने मृतक की पहचान की पुष्टि की और बताया कि अंतिम संस्कार तथा अन्य औपचारिकताओं के लिए परिवार को प्रारंभिक आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
इसी उड़ान के दौरान एक अलग घटना में हेलीकॉप्टर के नीचे की हवा के झोंके से एक महिला और दो बच्चे घायल हो गए। महिला की पहचान विमला देवी, जिन्हें रामभा देवी भी कहा गया है, के रूप में हुई है। उनकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है और वह बद्री साह की पत्नी हैं। बताया गया कि जब विमान नीचे से उड़ रहा था, तब वे छत पर थीं। पुलिस के अनुसार रोटर वॉश से उड़ा एक टीन शेड या कोई संरचनात्मक सामग्री उनके पैर पर लगी। महिला और बच्चों का इलाज किया गया। एक विवरण के अनुसार उन्हें फ्रैक्चर हुआ और तीनों को छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जबकि थानाध्यक्ष ने इसे मामूली चोट बताया और कहा कि इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है।
यह हवाई वितरण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बाढ़ राहत अभियान का हिस्सा था। सारण प्रशासन ने सड़क मार्ग से कटे इलाकों के लिए अतिरिक्त राशन की मांग की थी। आपदा प्रबंधन विभाग ने गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर बताया कि भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने 15 उड़ानें पूरी कीं और जिले के दुर्गम इलाकों में 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री, यानी 5,600 से अधिक सूखे राशन पैकेट, गिराए। विमान गोरखपुर की ओर से तैनात किए गए थे। अभियान में शामिल अधिकारियों में गोरखपुर से ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता और विंग कमांडर विशाल खत्री, तथा बागडोगरा से स्क्वाड्रन लीडर रोहित दादरवाल, फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुणाल कलमकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट राठौर भरत सिंह शामिल हैं।
गंडक की बाढ़ ने सारण के छह प्रखंडों की 33 पंचायतों के करीब 170 गांवों को प्रभावित किया है। इससे अनुमानित 3.32 लाख लोग और 75,286 परिवार प्रभावित हुए हैं। करीब 43,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 14 राहत केंद्रों में लगभग 40,000 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 46 सामुदायिक रसोइयों ने 50,550 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया है।
लगभग 2,540 नावें राहत कार्य में लगी हैं और 48 एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमें बचाव व राहत कार्य कर रही हैं। और टीमें भेजे जाने की उम्मीद है। हवाई अभियान के साथ-साथ जमीन पर भी खाद्य पैकेटों का वितरण जारी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक प्रशासन ने इस मौत को जांचाधीन माना है और यह पुष्टि नहीं की है कि पैकेट लगने से ही व्यक्ति की मौत हुई।