दुबई के क्राउन प्रिंस, संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शनिवार को अस्पताल में भारतीय फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से मुलाकात की और उड़ान के दौरान हुए हमले में यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा के लिए उनके साहस की सराहना की।
मुलाकात के बाद एक्स पर जारी संदेश में शेख हमदान ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने “साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति देखभाल के सर्वोच्च स्तर” को दर्शाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पायलट को संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व की “पूर्ण सराहना और प्रशंसा” प्राप्त है।
उन्होंने लिखा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि कैप्टन मच्छर उनकी टीम का हिस्सा हैं, देश की कहानी का हिस्सा हैं और उस भावना का हिस्सा हैं, जिसके लिए संयुक्त अरब अमीरात खड़ा है। उनके अनुसार, यह देश करुणा, शांति और जीवन का प्रतीक है।
यह दौरा फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई घटना के बाद हुआ। यह बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 30 सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव जा रहा था। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के अनुसार, सह-पायलट ने उड़ान कक्ष में कुल्हाड़ी से कैप्टन मच्छर पर हमला किया और विमान पर नियंत्रण लेने की कोशिश की।
चोट लगने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल के सदस्य और यात्री भीतर प्रवेश कर सके और हमलावर को काबू में किया जा सके। विमान को मोड़ दिया गया और वह उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतर गया।
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के महाधिवक्ता ने कहा कि जांच में यह स्थापित हुआ है कि सह-पायलट ने आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की कोशिश की थी। मकसद, परिस्थितियों और किसी संभावित संबंध को लेकर जांच जारी है।
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास ने कहा कि कैप्टन मच्छर को उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल मिल रही है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। मिशन उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है तथा दी जा रही चिकित्सा सुविधा के लिए संयुक्त अरब अमीरात सरकार का आभार जता चुका है।
कैप्टन मच्छर मुंबई के रहने वाले हैं और व्यावसायिक विमानन में उनका लगभग डेढ़ दशक का अनुभव है। उन्होंने इससे पहले स्पाइसजेट में वरिष्ठ कमांडर और लाइन प्रशिक्षण कप्तान के रूप में काम किया था।
वर्ष 2022 में वे फ्लाईदुबई में प्रत्यक्ष प्रवेश कप्तान के रूप में जुड़े थे। उनके साहसिक कदम की सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सराहना की है।