नई दिल्ली, 5 अक्टूबर: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के एक उपनिरीक्षक को 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी उपनिरीक्षक प्रशांत विहार थाना में तैनात था।
एजेंसी ने यह मामला 4 अक्टूबर को दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, यही उपनिरीक्षक उसी थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले की जांच कर रहा था और उसने शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की मांग की थी। यह मांग मामले में उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले की गई थी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, अधिकारी ने शिकायतकर्ता की निजी तलाशी ली, उसकी जेब से 20,000 रुपये मिले और वह राशि भी उसने दबाव बनाकर ले ली। इसके बाद उसने शिकायतकर्ता को शेष 80,000 रुपये लाने के लिए कहा।
4 अक्टूबर को ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जाल बिछाया और उपनिरीक्षक को शेष रकम मांगते तथा लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है। एजेंसी की ओर से उसका नाम उजागर नहीं किया गया है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अपने बयान में कहा कि भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एजेंसी ने यह भी कहा कि यदि नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामले दिखें या सरकारी अधिकारियों की ओर से रिश्वत की मांग की जाए, तो वे अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए वे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में जा सकते हैं या संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं।
मामले में आरोप उस जांच अधिकारी पर केंद्रित है, जिसने अपने ही देखे जा रहे मामले में संबंधित व्यक्ति से अनुचित लाभ मांगा। एजेंसी ने अभी यह नहीं बताया है कि किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है या आरोप पत्र दाखिल हुआ है या नहीं। जांच आगे बढ़ने पर इन विवरणों के सामने आने की उम्मीद है।