उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पकड़ी थाना क्षेत्र के सरन्या गांव में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान ध्रुव सिंह, 65, की मौत हो गई। वह जलती हुई झोपड़ी में फंसी एक गाय को बचाने के लिए अंदर गए थे, तभी कच्ची छत उन पर गिर पड़ी। मलबे में दबने से गाय की भी मौत हो गई।
जागरण की 5 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, गांव में रविवार देर रात एक आवासीय झोपड़ी में आग लग गई थी। आग की लपटों में एक गाय भीतर फंस गई थी। ध्रुव सिंह उसे बाहर निकालने के लिए झोपड़ी में घुसे, लेकिन आग से कमजोर हो चुकी छप्परनुमा छत भरभराकर उन पर गिर गई। वह और गाय दोनों मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लपटें उठती देख गांववाले मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक छत गिर चुकी थी। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
ध्रुव सिंह पांडा मुन्ना सिंह के बड़े भाई थे, जो पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। उनके परिवार में पत्नी सवित्री हैं, जो गहरे सदमे में बताई गईं, और दो बेटे भोल, 20, तथा बलवंत सिंह, 30, हैं।
मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक छा गया। लोग उनके घर पर संवेदना व्यक्त करने के लिए जुटे और पूरे इलाके में घटना को लेकर सदमा रहा। ग्रामीणों ने याद किया कि वह जानवर को बचाने के लिए जलती झोपड़ी में गए थे।
पकड़ी थाने के प्रभारी रंजीत विश्वकर्मा ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ध्रुव सिंह की इकाई, उनकी सेवा अवधि या आग के सटीक कारण को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऊपर दिया गया विवरण जागरण की 5 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट पर आधारित है।