बिहार के सारण जिले के मकेर थाने के थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसमें उन्हें बाढ़ राहत वितरण के दौरान लोगों की ओर अपनी सेवा पिस्तौल ताने हुए कथित रूप से देखा गया था।
मकेर के थाना प्रभारी संग्राम कुमार सिंह, जो पुलिस उप निरीक्षक हैं, को सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के 4 अक्टूबर 2026 के आदेश पर निलंबित किया गया। एसएसपी कार्यालय ने कहा कि वीडियो में प्रथम दृष्टया “कर्तव्य की घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी” दिखाई देती है। निलंबन अवधि में उन्हें सारण पुलिस केंद्र से संबद्ध रखा जाएगा और नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जांच का आदेश भी दे दिया गया है, जिसमें फुटेज में दिखी परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
यह वीडियो मकेर थाना क्षेत्र के रिवा घाट का बताया जा रहा है। इसमें पिकअप वाहनों से बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री बांटी जा रही है। वीडियो में सिंह एक वाहन पर खड़े दिखाई देते हैं, जबकि लोग उसके सामने कतार में लगे हैं।
जब एक व्यक्ति पिकअप से एक बोरी खींचने की कोशिश करता दिखता है, तो वे वाहन पर कूदते हैं, मौजूद लोगों को पीछे हटने की चेतावनी देते हैं और थोड़ी देर के लिए अपनी पिस्तौल निकालकर समूह की ओर तान देते हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आपूर्ति लेने पहुंचे लोगों के बीच अफरा-तफरी के बाद पुलिसकर्मियों और स्थानीय निवासियों के बीच बहस भी हुई।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सितंबर के अंतिम सप्ताह में नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद सारण और पड़ोसी जिले बाढ़ की मार झेल रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार छह जिलों के 30 प्रखंडों की 169 ग्राम पंचायतों में लगभग 9.87 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें सारण, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा और मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
सारण में बाढ़ के कारण कई गांवों तक सड़क संपर्क टूट गया है, जिसके चलते जमीन से राहत सामग्री बांटने के साथ-साथ हवाई मार्ग से सूखा राशन भी गिराया जा रहा है।
पिस्तौल वाला यह वीडियो उसी जिले की एक अलग घटना के कुछ दिन बाद सामने आया, जब 2 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना के राहत अभियान के दौरान परशुरामपुर के अनिल कुमार सिंह, जिन्हें अप्पू सिंह भी कहा जाता है, की मौत हो गई थी। उस समय निवासी हेलीकॉप्टर से गिराए गए पैकेट उठा रहे थे।
घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ लोगों ने कहा कि राहत सामग्री का एक पैकेट उन पर लगा, जबकि कुछ ने आशंका जताई कि सामग्री पास गिरने पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा हो सकता है। पुलिस ने कहा है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगा। भीड़ में एक महिला और बच्चे के घायल होने की भी सूचना है।
3 अक्टूबर तक भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर जिले के ऊपर कई उड़ानें भर चुके थे और जहां सड़क संपर्क टूटा हुआ था, वहां कई टन सूखा राशन गिराया गया था। पुलिस ने निलंबित अधिकारी की ओर से घटना पर कोई विस्तृत सार्वजनिक विवरण जारी नहीं किया है। विभागीय जांच में रिवा घाट पर हुई वीडियो घटना और राहत वितरण की परिस्थितियों की जांच की जाएगी।