पूर्व रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने 5 अक्टूबर 2026 को विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठान (वीआईएफ) के निदेशक का कार्यभार संभाला। उन्होंने इस पद पर डॉ. अरविंद गुप्ता का स्थान लिया, जो पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं।
नई दिल्ली स्थित इस सार्वजनिक नीति थिंक टैंक ने सोशल मीडिया पर यह बदलाव साझा करते हुए जनरल चौहान का औपचारिक स्वागत किया। वीआईएफ ने कहा कि उनके नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू हुआ है और डॉ. गुप्ता के कार्यकाल तथा उनके योगदान को भी स्वीकार किया। संस्था ने जनरल चौहान को एक विशिष्ट रणनीतिक विचारक और रक्षा विद्वान बताया तथा कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति, भू-राजनीति और सैन्य रूपांतरण के क्षेत्र में उनका अनुभव अनुसंधान और रणनीतिक संवाद को मजबूत करेगा।
भारत के दूसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल चौहान 30 मई 2026 को तीन वर्ष से अधिक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 30 सितंबर 2022 को सीडीएस नियुक्त किया गया था और साथ ही वे सैन्य मामलों के विभाग के सचिव तथा चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। वे त्रि-सेवा मामलों पर सरकार के मुख्य सैन्य सलाहकार थे।
अपने कार्यकाल के दौरान वे संयुक्तता, एकीकरण और प्रस्तावित थियेटर कमांड ढांचे की दिशा में चल रहे प्रयासों से निकटता से जुड़े रहे। उनके नेतृत्व को सैन्य संरचना और समन्वय से जुड़े बदलावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया।
18 मई 1961 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित गावना गांव में जन्मे जनरल चौहान ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से शिक्षा प्राप्त की। उन्हें 13 जून 1981 को 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला।
मेजर जनरल के रूप में उन्होंने उत्तरी कमान के बारामूला स्थित 19 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने पूर्वोत्तर में दिमापुर स्थित III कोर का नेतृत्व किया और बाद में सैन्य अभियान महानिदेशक रहे। वे सितंबर 2019 से मई 2021 में सेना से सेवानिवृत्ति तक पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य किया और बाद में सीडीएस पद संभालने के लिए उन्हें वापस बुलाया गया। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
वीआईएफ की स्थापना 2009 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की थी, जो 2014 में एनएसए नियुक्त होने से पहले इसके संस्थापक निदेशक रहे। यह प्रतिष्ठान विदेश मामलों, राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीति, भू-राजनीति और सार्वजनिक नीति पर काम करता है तथा नई दिल्ली में राजनयिक समुदाय से संवाद भी करता है।
इसके कार्यकारी समिति की अध्यक्षता एस. गुरुमूर्ति करते हैं। पूर्व राजदूत सतीश चंद्र और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एन. सी. विज इसके अन्य सदस्य हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में सेवानिवृत्त सीडीएस एक ऐसे संस्थान के शीर्ष पर पहुंचे हैं, जो भारत के रणनीतिक नीति विमर्श में लंबे समय से केंद्रीय स्थान रखता है।